रामपुर

कोर्ट रूम लाइव : फैसला सुनते ही शांत हो गया आजम परिवार

Connect News 24

रामपुर। सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनका परिवार कोर्ट का फैसला सुनते ही शांत हो गए। चेहरे पर तनाव और भविष्य को लेकर चिंता साफ झलक रही थी। उनको देखकर ऐसा लग रहा था कि उन्हें पूर्व से ही इस बात का अंदाजा हो कि उनको अब सजा होने वाली है। साढ़े चार घंटे तक वह कोर्ट की न्यायिक हिरासत में रहे और फिर कोर्ट के आदेश पर उनको जेल भेज दिया गया।

अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में बुधवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। फैसले के लिए सपा नेता आजम और उनका परिवार दोपहर 12.50 बजे कोर्ट रूम में दाखिल हुआ। दोपहर एक बजे कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया। बाद में कोर्ट ने सजा के प्रश्न पर दोनों पक्षों को सुना और फिर दोपहर 2.30 बजे तीनों को अपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी और अभिलेखों में धोखाधड़ी का दोषी मानते हुए सात-सात साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। कोर्ट का फैसला सुनते ही न्यायिक अभिरक्षा में मौजूद आजम परिवार पूरी तरह शांत हो गया। तीनों लोग एक दूसरे के चेहरे को ताकते रहे। न्यायिक अभिरक्षा में पानी पीते रहे और साथ ही पास में मौजूद अधिवक्ताओं से विचार विमर्श करते रहे। तीनों को कोर्ट के द्वारा फैसले की प्रमाणित प्रतिलिपि दी गई। 4.25 बजे आजम, अब्दुल्ला और तजीन फात्मा को कोर्ट से बाहर लाया गया और फिर उसके बाद पुलिस उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच जेल ले गई।

कोर्ट रूम में आमने-सामने आए आजम और आकाश

रामपुर। फैसले के वक्त शहर विधायक आकाश सक्सेना कोर्ट रूम में पहुंच गए। इस मुकदमे के वादी भाजपा विधायक के कोर्ट रूम में पहुंचते ही उनका सामना सपा नेता आजम खां, अब्दुल्ला आजम खां और तजीन फात्मा से हुआ। कुछ देर तक आजम और आकाश की नजरें भी मिलीं। कोर्ट रूम में भीड़ बढ़ने के बाद पुलिस एक्टिव हो गई और फिर भीड़ को बाहर कर दिया।

और केसों की मजबूत पैरवी कर दिलाई जाएगी सजा

-दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में कोर्ट का फैसला आ गया है। कोर्ट के फैसला आने से सत्य की जीत हुई है। आजम परिवार को उनके किए की सजा मिली है। आजम खां के अन्य केसों की और ज्यादा मजबूती के साथ पैरवी कराई जाएगी, ताकि लोगों के सामने सच सामने आ सके। – आकाश सक्सेना, भाजपा विधायक

देश का कानून हर किसी के लिए बराबर

-हमारे परिवार की ओर से 2017 में अब्दुल्ला आजम के खिलाफ एक इलेक्शन पिटीशन दायर की गई थी। अपना पक्ष साबित करने के लिए अब्दुल्ला आजम ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाकर न्यायालय में दाखिल किया था। इस आधार पर ही कोर्ट ने पूर्व मंत्री आजम खां, अब्दुल्ला आजम व और तजीन फात्मा को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय के इस निर्णय को मेरा पूरा परिवार सहर्ष स्वागत करता है। देश का कानून हर व्यक्ति के लिए समान है। ऐसे लोग जो देश के कानून और संविधान का उल्लंघन करते हैं उनकी जगह सिर्फ जेल है। -हैदर अली खां उर्फ हमजा मियां


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