Azam Khan: लीज की शर्तों के उल्लंघन पर आजम के हाथ से गई जमीन, जौहर शोध संस्थान में चलाया रामपुर पब्लिक स्कूल


आजम खां का रामपुर पब्लिक स्कूल
– फोटो : संवाद
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सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां के जौहर ट्रस्ट को दी गई जमीन की लीज को यूपी सरकार ने लीज की शर्तों का उल्लंघन करने पर निरस्त कर चुका है। इस फैसले के बाद प्रशासन जौहर ट्रस्ट की ओर से जौहर शोध संस्थान में संचालित रामपुर पब्लिक स्कूल को खाली करा चुका है। इसके बाद स्कूल में पढ़ने वाले 1500 बच्चों के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे थे।
अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर सपा सरकार में वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खां के जौहर ट्रस्ट को तोपखाना रोड स्थित शिक्षा विभाग की 41181 वर्ग फीट जमीन को भी 30 साल की लीज पर दिया था। ट्रस्ट की ओर से यहां पर रामपुर पब्लिक स्कूल (गर्ल्स विंग) को खोल दिया गया था। इसी जमीन पर सपा कार्यालय (दारुल आवाम) भी बनाया गया था।
यह जमीन जौहर यूनिवर्सिटी का कार्यालय बनाने के लिए दी गई थी, लेकिन शर्तों का उल्लंघन कर यहां स्कूल और पार्टी कार्यालय संचालित किया जाने लगा। भाजपा विधायक ने इस मामले की िशकायत शासन से की थी। शासन ने इसकी जांच के िलए डीएम को आदेश दिए थे। जांच के बाद डीएम ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
बीते दिनों योगी कैबिनेट ने शर्तों के उल्लंघन में जमीन की लीज को निरस्त कर दिया था। आदेश मिलने के बाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने कमेटी गठित करते हुए कार्रवाई की थी। प्रशासन की ओर से नोटिस दिए जाने के सात दिन बाद दस नवंबर को प्रशासन की ओर से रामपुर पब्लिक स्कूल और दारुल आवाम (सपा कार्यालय) को खाली करा लिया गया था।
यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद आजम खां को तगड़ा झटका लगा था। हालांकि, इसके बाद प्रशासन ने छात्राओं का दाखिला दूसरे स्कूलों में कराने की कवायद शुरू की थी, लेकिन इसे अंजाम तक नहीं पहुंचाया जा सका।
निर्माणाधीन बिल्डिंग में पढ़ाई कर रहीं छात्राएं
रामपुर पब्लिक स्कूल (गर्ल्स विंग) में पढ़ने वाली छात्राओं को यतीमखाना में स्थित रामपुर पब्लिक स्कूल की निर्माणाधीन बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है। स्कूल खाली होने के बाद से इसमें पढ़ने वाली 565 छात्राओं की पढ़ाई को लेकर अभिभावकों में चिंता पैदा हो गई थी। हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इन छात्राओं के अन्य स्कूल में दाखिले की कवायद जरूर हुई मगर यह सिर्फ कागजों में सिमटकर रह गई।
किसी भी अभिभावक ने अपने बच्चे का दाखिला शहर के अन्य स्कूलों में नहीं कराया। इधर, रामपुर पब्लिक स्कूल प्रशासन ने अपने निर्माणाधीन भवन में बच्चों की कक्षाएं संचालित करनी शुरू कर दी थीं। छात्राएं यहां पर नियमित रूप से पढ़ाई कर रही हैं।

