आजम को मिलेगी राहत या निराशा: अपील पर 23 को आएगा फैसला, कोर्ट ने सुनाई थी दो साल की सजा

कचहरी में जाते आजम खां
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नफरती भाषण के मामले में दो साल की सजा के खिलाफ दायर अपील पर बुधवार को दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई। अब कोर्ट इस मामले में 23 जनवरी को अपना फैसला सुना सकती है। शहजादनगर थाने में दर्ज नफरती भाषण के मामले में निचली अदालत ने सपा नेता आजम खां को दोषी करार देते हुए दो साल की कैद व 2500 रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई थी।
इस फैसले के खिलाफ सपा नेता ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की है,जिसकी सुनवाई चल रही है। बुधवार को भी इस मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सपा नेता आजम खां के अधिवक्ता जुबैर अहमद खां जबकि सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता अमित सक्सेना व अपर महाधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई है। कोर्ट ने फैसले के लिए 23 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है।
यह है मामला
18 अप्रेल 2019 को धमोरा गांव में जनसभा के दौरान उन्होंने संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। उसके बाद एडीओ सहकारिता अनिल चौहान ने शहजादनगर में आजम खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। एमपीएमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 15 जुलाई 23 को इस मामले में फैसला सुनाते हुे सपा नेता आजम खां को दो साल की कैद व 2500 रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई थी,जिसके खिलाफ एमपीएमएलए कोर्ट में अपील दायर की गई है,जिस पर सुनवाई चल रही थी जो कि अब पूरी हो गई है।


