Bareilly: पुलिस की पिटाई से किसान की मौत प्रकरण की जांच शुरू, मानवाधिकार आयोग ने भी दर्ज किया मामला

बरेली में किसान की मौत का मामला
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बरेली के थाना भमोरा क्षेत्र में पुलिस की पिटाई से किसान की मौत के मामले की विवेचना फतेहगंज पश्चिमी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय को मिली है। जांच अधिकारी एसपी देहात के साथ गांव जाकर उन्होंने वादी के बयान दर्ज किए। आरोपी पुलिसकर्मी मोबाइल फोन बंद किए बैठे हैं, तफ्तीश पूरी करने के लिए उनके बयानों की भी दरकार है।
गांव आलमपुर जाफराबाद में किसान संतोष शर्मा की मौत के बाद सात पुलिसकर्मियों समेत दस लोगों के खिलाफ भमोरा थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी पुलिसकर्मी समझौते व जमानत के लिए कानून के जानकारों के संपर्क में बताए जा रहे हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद आरोपी पुलिसवालों की गिरफ्तारी को लेकर भी दबाव है। वहीं, विभागीय जांच व विवेचना पूरी करने के लिए उनसे संपर्क का प्रयास किया जा रहा है।
एसपी देहात और विवेचक ने वादी के बयान दर्ज करने के साथ ही अन्य ग्रामीणों से भी बात की। विवेचक ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेने के साथ ही निजी अस्पताल जाकर इलाज करने वाले डॉक्टर से भी संपर्क किया। बताया जा रहा है कि जल्दी ही विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। वहीं सत्तापक्ष के एक नेता बीच का रास्ता निकालने में जुटे हैं।
भमोरा थाना क्षेत्र की चौकी पर तैनात पुलिसवाले महिला इंस्पेक्टर परमेश्वरी देवी को गुमराह कर काले धंधे कराने में लगे थे। बताते हैं कि महिला इंस्पेक्टर की सज्जनता का फायदा उठाकर दरोगा टिंकू कुमार जैसा स्टाफ बेलगाम हो गया था। अधिकारियों की बात तो दूर, वे इंस्पेक्टर तक को दबिश और वसूली की भनक नहीं लगने देते थे।


