बरेली-मथुरा हाईवे : तीसरे चरण में बदायूं की सीमा में 37 किमी हिस्सा होगा चौड़ा


उझानी से कछला जाने वाली रोड पर टूटी पड़ी सड़क। संवाद
बदायूं। बरेली-मथुरा हाईवे के बदायूं की सीमा में कछला से चंदननगर खरैर तक करीब 37 किमी हिस्से को 45 फुट चौड़ा किया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इसके लिए किसानों की भूमि का अधिग्रहण करेगी। प्रशासन ने किसानों का डाटा एकत्र करने का काम शुरू कर दिया है।
बरेली-मथुरा मार्ग को एनएचएआई ने 2019 में अपने हाथ में लिया था। चार चरणों में इस रोड को फोरलेन बनाया जा रहा है। तीसरे चरण में जिले में एनएचएआई ने काम करना शुरू कर दिया है। एनएचएआई कासगंज से बरेली की तरफ काम करता हुआ आगे बढ़ रहा है। एनएचएआई ने जिला प्रशासन से जमीन मांगी है, ताकि सड़क का चौड़ा किया जा सके। तीसरे चरण में कछला से चंदननगर खरैर तक की 37 किलोमीटर की सड़क को चौड़ा करने का काम किया जाएगा।
एनएचएआई के अनुसार, इस रोड को 45 मीटर चौड़ा करके फोरलेन किया जाएगा। इसमें कुल 116 हेक्टेयर जमीन की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। तीसरे चरण में 30 गांवों को शामिल किया गया है। इनके किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। प्रशासन ने किसानों का डाटा एकत्र करने का काम शुरू कर दिया है।
इन गांवों के किसानों की ली जाएगी जमीन
कछला से चंदननगर खरैर तक मार्ग के चौड़ीकरण के लिए कछला खाम, अल्लीपुर मढैया, नौशेरा, छतुईया, उझानी, गुनौरा वाजिदपुर, जिरौली, गठौना, बसोमा, चंदननगर, अकरमनगर गढ़ी, इटौआ, खेड़ा बुजुर्ग, आरिफपुर नवादा आदि 30 गांवों के किसानों की जमीन ली जााएगी। हाईवे के लिए जिन किसानों की जमीन ली जाएगी, उन्हें जमीन के सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। रिहायशी क्षेत्र का मुआवजा अभी तय नहीं किया गया है।
दो घंटा कम हो जाएगा बरेली से मथुरा का सफर
अभी कछला से उझानी होते हुए बदायूं आने पर सड़क पर कभी-कभार जाम जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। दरअसल कई जगहों पर यह मार्ग काफी संकरा है। कुछ जगहों पर सड़क चौड़ी है, लेकिन जहां संकरी है वहां अक्सर जाम लगता है। कछला से उझानी होकर चंदननगर खरैर तक के इस मार्ग में बाइपास भी शामिल रहेगा। चौड़ीकरण के बाद लोगों की राह काफी आसान हो जाएगी। इसके अलावा जगह जगह जर्जर हो चुकी सड़क से भी मुक्ति मिल जाएगी। बरेली से मथुरा की दूरी करीब 215 किलोमीटर है। वर्तमान में बरेली से मथुरा जाने में तकरीबन छह घंटे लगते हैं, लेकिन फोरलेन बनने पर यह सफर चार घंटे में पूरा हो सकेगा।
– एनएचएआई बदायूं जिले की सीमा में तीसरे चरण में 34 किलोमीटर मार्ग चौड़ा करेगा। इसके लिए 116 हेक्टेयर जमीन की जरूरत पड़ेगी। किसानों की जमीन का अधिग्रहण करने के लिए संबंधित तहसीलों के अधिकारियों को लगाया गया है। वे इसका डाटा एकत्र करने में जुट गए हैं। – रामजीलाल, सिटी मजिस्ट्रेट/सक्षम अधिकारी, भूमि अधिग्रहण