Bareilly News: 113 होटल संचालकों पर 10 से 25 लाख तक का जुर्माना
बरेली। औपचारिकता पूरी किए बिना भूगर्भ जल दोहन करने पर प्रशासन ने जिले के 113 होटल संचालकों पर 10 से 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर गठित संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई की गई है। करीब 10-10 लाख रुपये जमा करने के नोटिस से होटल संचालक आक्रोशित हैं। रविवार को एक होटल में बैठक कर बरेली होटेलियर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का निर्णय लिया है।
एडीएम (वित्त एवं राजस्व) संतोष बहादुर सिंह की ओर से जारी नोटिस में कहा है कि एनजीटी के 10 अक्तूबर 2022 को पारित आदेश के क्रम में संयुक्त समिति ने पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित किया गया है। निर्देशानुसार 50 से कम कमरों की क्षमता वाले होटल पर 10 लाख रुपये, 50 से ज्यादा कमरे वालों पर 25 लाख और सौ से ज्यादा क्षमता वाले होटल पर 50 लाख की क्षतिपूर्ति का नोटिस जारी गया है। इसकी सूचना एनजीटी में दाखिल कर दी गई है। एडीएम ने बताया कि होटल और बैंक्वेट हॉल संचालकों को पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जमा कर सूचना देने के लिए कहा गया है। उधर, जुर्माने की राशि जमा करने के नोटिस के बाद होटेलियर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक हुई। उन्होंने जुर्माने पर आपत्ति जताई। होटल संचालकों के मौलिक अधिकार, राइट टू लाइफ और पानी के उपयोग के मौलिक अधिकार के उल्लंघन की बात कही। जुर्माने के खिलाफ बरेली समेत नौ जिलों की होटेलियर्स वेलफेयर एसोसिएशन से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने पर सहमति बनी।
विधिक निगरानी के लिए टीम गठित
होटेलियर्स वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में कानूनी सलाहकार के तौर पर लीगल मैटर देखने के लिए श्वेतांक अस्थाना को नामित किया गया। सतवंत सिंह चडढा, दिनेश शर्मा, पुनीत सक्सेना को कोषाध्यक्ष बनाया गया। बैठक में बैंक्वेट हाॅल एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपेश अग्रवाल, धीरेंद्र वीर सिंह, दीपक अग्रवाल, शुजा खान, सतीश अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
बगैर औपचारिकता पूरी किए हो रहा था जल दोहन: प्रशासन
एडीएम (वित्त एवं राजस्व) के मुताबिक, बगैर औपचारिकता पूरी किए भूगर्भ जल दोहन करने पर जुर्माना लगाया गया है। इन पर वर्ष 2017 से 2022 तक पांच साल की पेनाल्टी लगी है। संबंधित विभागों ने होटल और बैंक्वेट हाल संचालकों को पूर्व में ही इस संबंध में जानकारी दी थी। भुगतान जमा किए जाने की अंतिम तिथि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी तय करेंगे।
लाखों रुपये जमा करने का नोटिस उचित नहीं: एसोसिएशन
उत्तर प्रदेश होटेलियर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना के मुताबिक भूगर्भ जल दोहन के नाम पर लाखों रुपये जमा करने का नोटिस थमाना किसी स्तर से सही नहीं कह सकते। प्रशासन को नोटिस वापस कराने की पहल करनी चाहिए। बैठक में सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए टीम गठित कर ली गई है।



