Bareilly News: बांस बरौलिया और जतकी में मिले डेंगू के 12 मरीज

बांस बरोलिया में मिले डेंगू मरीजों को रैफर करती टीम। संवाद
काबू में नहीं आ रहे बुखार के हालात, सीएससी-पीएससी पर भी उमड़ रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले में बुखार काबू में नहीं आ रहा। अब बिल्सी के गांव बांस बरौलिया और दहगवां के ग्राम जतकी में डेंगू के छह-छह मरीज मिले हैं।जिला अस्पताल पर जहां करीब एक हजार मरीज रोजाना आ रहे हैं तो वहीं सीएचसी-पीएचसी पर भी मरीजों की भीड़ लग रही है।
बिल्सी। गांव बांस बरौलिया में मंगलवार को लगे शिविर में छह लोग डेंगू संक्रमित मिले। लगातार मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ गई है। इससे पहले रविवार और सोमवार को भी यहां डेंगू के मरीज मिले थे। मंगलवार को 118 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें 88 लोग बुखार से पीड़ित मिले।
डॉ. नीरेश कुमार के अनुसार, 30 लोगों की डेंगू की जांच कराई गई, जिसमें राघव, ओमप्रकाश, छाया, नेहा, सावित्री एवं बाबूराम डेंगू संक्रमित मिले। इन्हें सीएचसी रेफर कर दिया गया।
उझानी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मंगलवार को भी मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही। करीब तीन सौ नए मरीजों में अधिकतर बुखार और त्वचा रोग के थे। डेढ़ सौ से अधिक पुराने पर्चों से जुड़े मरीज भी ओपीडी में पहुंचे। चिकित्साधीक्षक राजकुमार गंगवार ने बताया कि बुखार के मरीजों में 40 का ब्लड सैंपल लेकर मलेरिया और डेंगू का चेकअप भी कराया गया। मलेरिया का कोई मरीज नहीं निकला। डेंगू की रिपोर्ट बाद में आएगी।
सीएचसी-पीएचसी पर सुविधाओं का टोटा
बदायूं। जिला अस्पताल में जहां रोजाना इस समय मरीजों का आंकड़ा एक हजार पार कर रहा है, वहीं सीएचसी- पीएचसी पर भी इस समय मरीजों की संख्या बढ़ गई है। वजीरगंज सीएचसी पर चिकित्सा प्रभारी डॉ. राजकुमार के अलावा अन्य कोई चिकित्सक नहीं हैं। यहां महिला विंग बना हुआ है, मगर महिला रोग तथा बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से महिलाओं तथा बच्चों को चिकित्सकीय सुविधा का लाभ नही मिल पा रहा है।
कहने को तो यहां लैब भी है मगर सुविधाएं नाममात्र की ही हैं। नेत्र रोग चिकित्सक की तैनाती तो है मगर उन्हें बदायूं से अटैच कर दिया गया है। उसावा सीएचसी पर महिला चिकित्सक सहित कुल छह डॉक्टर है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल सिद्धार्थ के अनुसार दो डॉक्टर और होने चाहिए।
सैदपुर सीएचसी पर महिला चिकित्सक समेत आठ चिकित्सकों की तैनाती होना चाहिए लेकिन इसके विपरीत मात्र एक एमबीबीएस और दो बीएएमएस डॉक्टर की ही तैनाती है। महिला चिकित्सक की अब तक यहां नियुक्ति नहीं हो पाई, जिसके कारण डिलीवरी के दौरान कई महिलाओं को अपनी जान गंवानी पड़ी है। मलेरिया, टायफाइड, डेंगू की जांच की सुविधा है, मगर सीबीसी मशीन आए हुए तीन माह हो चुके हैं, पर इंस्टॉलेशन के अभाव में वह शुरू नहीं हो सकी है। एक्स-रे और खून की अधिकतर जांच मरीजों को निजी चिकित्सकों के यहां मजबूरन महंगे दामों पर करानी पड़ती हैं।
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सीएमओ ने किया जतकी का निरीक्षण
बदायूं। मंगलवार को आई रिपोर्ट के अनुसार, जिले के विभिन्न स्थानों पर लगाए गए शिविरों में 1313 लोगों की ओपीडी की गई, जिसमें 647 मरीज सामान्य बुखार तो 21 मरीज मलेरिया पीवी के मिले। दहगवां के गांव जतकी में एक महिला की मौत और छह मरीज डेंगू के निकलने के बाद सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने गांव का दौरा किया और घरों का भ्रमण कर लार्वा नष्ट कराया।
इस दौरान गांव में शिविर लगाकर दवाओं का भी वितरण किया गया। सीएमओ के अनुसार, जहां भी लोगों की मौत की सूचना मिल रही है, वहां भ्रमण करके जानकारी ली जा रही है, साथ ही प्रभावित जगहों पर लगातार विभाग द्वारा शिविर लगवाकर मरीजों की जांच तथा दवा वितरण कराया जा रहा है। इसके साथ ही मलेरिया विभाग द्वारा एंटीलार्वा का छिड़काव व सोर्स रिडक्शन का काम लगातार जारी है। संवाद
एंटीलार्वा का छिड़काव, फॉगिंग कराई
बदायूं। मच्छरजनित रोगों पर काबू पाने के लिए मलेरिया विभाग द्वारा लगातार एंटीलार्वा का छिड़काव और फाॅगिंग कराई जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत ने सीएचसी बिनावर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लैब में मलेरिया क्लीनिक रजिस्टर/एंटीमलेरियल आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने कहा कि मलेरिया धनात्मक रोगियों को उपचार प्रत्येक दशा में प्रदान किया जाए। उन्होंने यहां डेंगू वार्ड का भी निरीक्षण किया। मलेरिया निरीक्षक अमित कुमार तिवारी द्वारा लार्वा सोर्स रिडक्शन का काम किया गया।

बांस बरोलिया में मिले डेंगू मरीजों को रैफर करती टीम। संवाद

बांस बरोलिया में मिले डेंगू मरीजों को रैफर करती टीम। संवाद

बांस बरोलिया में मिले डेंगू मरीजों को रैफर करती टीम। संवाद



