Bareilly News: जिस्म लहूलुहान, जुबां पर या हुसैन
बरेली। फिजा में गूंजते नौहे और बीच-बीच में या हुसैन.. की सदाएं कर्बला के शहीदों की याद दिला रहीं थी। गम के माहौल में कुमार टाकीज पर एकत्र अजादार ने जंजीरों, छुरियों से मातम कर रहे थे। जिस्म लहूलुहान था, जुबां पर या हुसैन की सदाएं गूंज रही थीं।
शिया समाज की ओर से हजरत अब्बास की शहादत की याद में जरीदों के एतिहासिक जुलूस निकाला गया। जुलूस की शुरुआत फतेहअली शाह काला इमामबाड़ा से मौलाना समर हैदर आबदी के नेतृत्व में की गई। इसकी मजलिस को मौलाना शहवार हुसैन नकवी अमरोही ने पढ़ा। इसके बाद जुलूस किला चौकी से बाजार संदल खां होते हुए जामा मस्जिद रोड पहुंचा। यहां पर फिर तकरीर हुई। इसके बाद जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होते हुए कुमार टाकीज पहुंचा।
यहां जज साहब के इमामबाड़ा पर अंजुमनों ने नौहा पढ़ा। वहां से इंदिरा मार्केट, सिटी पोस्ट आफिस, कुतुबखाना होते हुए मनिहारों की गली और हसनैन साहब के इमामबाड़ा होते हुए काला इमामबाड़ा पहुंच कर जुलूस संपन्न हुआ। मीडिया प्रभारी शानू काजमी ने बताया कि जुलूस में अंजुमन गुलदस्सा-ए-हैदरी, ऑल इंडिया गुलदस्ता-ए-हैदरी, परचम-ए-अब्बास, परचम-ए-हुसैन आदि अंजुमने भी शामिल रहीं।



