Bareilly News: 27 सड़कों की मिली मंजूरी, पीडब्ल्यूडी कराएगा निर्माण
बरेली। गन्ना विभाग से लोक निर्माण विभाग को मिलीं ग्रामीण क्षेत्र की 27 सड़कों के निर्माण की मंजूरी मिल गई है। वहीं, दूसरे चरण के लिए सड़कों का सर्वे शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक अब जो भी सड़कें बनाई जाएंगी, पांच वर्ष तक उनको गड्ढामुक्त रखने की जिम्मेदारी ठेका लेने वाली फर्म की होगी।
गन्ना विभाग की 27 सड़कों के लिए लोक निर्माण विभाग ने 791.06 करोड़ रुपये के एस्टीमेट तैयार किए थे। इसी महीने इन्हें मंजूरी मिली। मुख्यमंत्री ने पांच वर्ष तक सड़क न टूटने देने के निर्देश दिए तो इनके एस्टीमेट में दस फीसदी बढ़ोतरी कर दी गई। अधीक्षण अभियंता अभिनेष गंगवार ने बताया कि लोक निर्माण विभाग अभी तक सड़कों के लिए ठेकेदार से एक-दो वर्ष की गारंटी लेता था। अब पांच वर्ष की गारंटी के प्रावधान पर अमल होगा। दूसरे चरण का सर्वे पूरा होने के बाद जल्दी ही पांच वर्ष की गारंटी के प्रारूप पर इनके लिए भी टेंडर निकाले जाएंगे।
नियम
चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के पांच करोड़ रुपये से ज्यादा लागत के जो भी कार्य हैं, उनकी गारंटी तीन वर्ष की है। पांच करोड़ से कम लागत के ग्रामीण मार्गों की दो वर्ष, ओडीआर, एमडीआर व स्टेट हाईवे की मरम्मत में एक वर्ष की गारंटी का नियम है। अब डामर की परत की मोटाई के आधार पर गारंटी तय की गई है। 40 एमएम से कम मोटाई की डामर की परत है तो एक वर्ष और 40 मीटर से ज्यादा डामर की परत की मोटाई है तो तीन वर्ष की गारंटी रहेगी (अधीक्षण अभियंता से बातचीत के आधार पर)।
बरेली-लखनऊ हाईवे से नौगवां गांव की ओर जाने वाली सड़क की विशेष मरम्मत के लिए 16.66 लाख रुपये का बजट निर्धारित था। ठेकेदार को 13 लाख से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया। काम 15 दिन पहले ही पूरा हुआ है पर सड़क बनते-बनते ही उखड़ने लगी है।
आंवला क्षेत्र में नारायण दूध अवशीतन केंद्र से मनौना बाइपास मार्ग का नव निर्माण 64.67 लाख रुयये से 16 फरवरी 2022 को कराया गया था। अब यह सड़क पूरी तरह उखड़ गई है।
गारंटी की अवधि कोई सड़क टूटती है तो संबंधित ठेकेदार से मरम्मत कराई जाती है। अगर कहीं सड़क बनते-बनते ही टूट रही है तो जांच होगी। सड़क की मरम्मत कराई जाएगी। – अभिनेष गंगवार, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग
सड़कों को गड्डामुक्त करने का अभियान कागजों तक सीमित है। हमारे क्षेत्र की सड़कों को देखें तो इसकी हकीकत पता चल जाएगी। – सुखलाल कश्यप, नौगवां
सड़कों की गुणवत्ता के सिर्फ दावे ही किए जा रहे हैं। सड़कों के गड्ढे जमीनी हकीकत बयां कर रहे हैं। इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। – मुरारीलाल, नौगवां


