Bareilly News: 770 ग्राम स्मैक बरामद, छह आरोपी गिरफ्तार
फतेहगंज पश्चिमी।/अलीगंज। पुलिस ने अलीगंज से स्मैक की खेप लेने आए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक बाइक और 250 ग्राम स्मैक बरामद की गई है। आरोपियों झारखंड के तस्कर का नाम भी बताया है। वहीं, एएनटीएफ सहारनपुर और थाना अलीगंज पुलिस ने भी 520 ग्राम स्मैक के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
फतेहगंज पश्चिमी के थाना प्रभारी धनंजय पांडे ने थाना अलीगंज के गांव मढ़ौरा निवासी मोहम्मद मियां, रफाकत और डील कर रहे थाना हाफिजगंज के गांव अनतपुर वाली गौटिया निवासी कमल कश्यप व गांव रसूला चौधरी निवासी प्रेमपाल को बंद रुकुमपुर रेलवे क्राॅसिंग से शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उनसे 250 ग्राम स्मैक बरामद की है। पुलिस ने एक बाइक भी बरामद की है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रेमपाल और कमल झारखंड के तस्कर से स्मैक मंगाकर उसे यहां गांव-कस्बाें बेचते हैं। उन्होंने अलीगंज के मो. मियां और रफाकत के साथ स्मैक की डील की थी। चारों को जेल भेज दिया गया।
इधर, शुक्रवार को टीमों ने अलीगंज-सिरौली मार्ग पर बिहारीपुर मोड़ के पास तस्करों की तलाश में घेराबंदी की। भनक लगते ही तस्कर बिहारीपुर मोड़ के वजाय खैलम देहजागीर मोड़ पहुंचकर ग्राहक का इंतजार करने लगे। पुलिस टीम ने खैलम ईदगाह के पास शुक्रवार की देर शाम आठ बजे दो तस्करों को दबोच लिया। थानाध्यक्ष अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में खैलम गांव के संजीद खां की जेब से 280 ग्राम स्मैक और मोबाइल फोन तथा उसके साथी मोहसिन खान निवासी थाना किला के मोहल्ला बाकरगंज बरेली की जैकेट से 240 ग्राम स्मैक का पैकेट व मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
दोनों ने बताया कि वह झारखंड से कच्चा माल लाकर यहां पर स्मैक तैयार करते हैं और बेचकर मुनाफा कमाते हैं। टीम में थाना अलीगंज के उप निरीक्षक राजकुमार सिंह सिंह, कांस्टेबल विजेंद्र कुमार सिंह और एएनटीएफ के उपनिरीक्षक अवधेश कुमार रवि कुमार आदि शामिल हैं।
शराफत-रफाकत के गुर्गे हैं प्रेमपाल व कमल
शराफत और रिफाकत कस्बा से बाहर जरूर रह रहे हैं, लेकिन तस्करी जारी रखने के लिए उन्होंने कस्बा और रसुला चौधरी, रुकुमपुर, कुरतरा आदि में अपने गुर्गे छोड़ रखे हैं। दोनों तस्कर पार्टियों से डील करने के बाद कोडवर्ड देकर इन्ही के पास उन्हें भेज देते हैं। सूत्रों के मुताबिक सुबह चार पांच बजे जब पुलिस सो जाती है। तब यह गुर्गे गांवों में जाकर स्मैक सप्लाई करते हैं।



