Bareilly News: फर्जी दस्तावेजों से 98 व्यापारियों ने कराया जीएसटी पंजीकरण
बरेली। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) विभाग के रडार पर बरेली जोन के ऐसे 98 व्यापारी हैं, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के जरिये स्टेट गुड्स एंड सर्विस टैक्स (एसजीएसटी) के लिए पंजीकरण कराया है। इनके सत्यापन के लिए राज्यकर टीमें सक्रिय हो गई हैं। सेंट्रल जीएसटी टीम अलग से जांच करेंगी।
हालांकि छापा और सत्यापन को लेकर व्यापारियों में असमंजस की स्थिति है। इसे स्पष्ट करने के लिए शुक्रवार को जीएसटी एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 वीडी शुक्ला ने अपने कार्यालय में पत्रकारों को बताया कि कर चोरी करने वालों के खिलाफ स्पेशल इंवेस्टिगेशन ब्रांच (एसआईबी) जांच कर रही है। नियमित कर चोरी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ जांच जारी रहेगी। शासन से जारी सर्कुलर कर चोरी से संबंधित नहीं है। वह उन कारोबारियों के लिए है, जिन्होंने किसी अन्य व्यक्ति का आधार कार्ड या पैनकार्ड लगाकर पंजीकरण करा लिया है। यह सिर्फ बरेली जोन का नहीं, बल्कि देशभर के लिए है। सभी जोन के अधिकारियों के पास ऐसे संदिग्ध व्यापारियों की सूची भेजी गई है।
यह टीम सिर्फ पंजीकृत व्यापारी के प्रतिष्ठान पर पहुंचकर उनके द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों का मिलान करेगी। यह टीम किसी व्यापारी के यहां छापा कार्रवाई नहीं करेगी। अगर गठित टीमों में से कोई सत्यापन के साथ ही छापा कार्रवाई करेगी तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इस संबंध में सभी टीम प्रभारी को स्पष्ट दिशानिर्देश दे दिए गए हैं।
टीमों को दी जाएगी सूची, सत्यापन की होगी निगरानी
सत्यापन के लिए पहुंचने वाली टीम की उच्चाधिकारी सीधे निगरानी करेंगे। उद्देश्य है कि किसी भी व्यापारी को परेशान न किया जा सके। प्रत्येक टीम को एक ही क्षेत्र के कुछ प्रतिष्ठानों की सूची दी जाएगी। इसी के अनुसार एक-एककर प्रतिष्ठान का मिलान होगा। सूची में दर्ज व्यापारियों के प्रतिष्ठानों के अलावा अन्य किसी प्रतिष्ठान पर टीम को सर्वे या सत्यापन को अनुमति नहीं है।
सीजीएसटी सूची में करीब 300 व्यापारी संदिग्ध
बताया जाता है कि सीजीएसटी के लिए पंजीकरण कराने वालों में भी कई व्यापारियों ने फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग किया है। करीब 300 से ज्यादा संदिग्ध पंजीकरण बरेली जोन के मिले हैं, जिन्होंने किसी अन्य व्यक्ति के दस्तावेज का इस्तेमाल किया है। इनकी जांच सीजीएसटी की टीमें करेंगी। एडिशनल कमिश्नर ने व्यापारियों से सहयोग की अपील की है।
आधार, पैनकार्ड की कॉपी दें तो उस पर प्रयोजन लिखें
एडिशन कमिश्नर ग्रेड-1 वीडी शुक्ला के मुताबिक केंद्रीय स्तर पर चल रही जांच में जो भी फर्जी दस्तावेज मिले हैं, उनमें किसी अन्य व्यक्ति के आधार और पैनकार्ड का इस्तेमाल हुआ है। कारोबारियों ने पंजीकरण के दौरान यह खेल किया। इसका खुलासा अब सत्यापन में होगा। उन्होंने लोगों से आधार व पैनकार्ड की कॉपी किसी को देने से पहले उस पर प्रयोजन लिखने को कहा है।



