Bareilly News: पराली जलने में जिला सूबे में नंबर एक, जिला कृषि अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि
बहेड़ी। डीएम ने बुधवार को बहेड़ी तहसील सभागार में संचारी रोगों की रोकथाम, पराली प्रबंधन को लेकर बैठक की। पराली जलाने के मामलों पर रोक लगाने में नाकाम जिला कृषि अधिकारी को डीएम ने प्रतिकूल प्रविष्टि दी।
विकास खंड के सभी अधिकारियों, एडीओ पंचायत, ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों और एमओआईसी के साथ बैठक में सामने आया कि जिले में पराली जलाने के सबसे अधिक 11 मामले बहेड़ी तहसील में सामने आए हैं। पटेरी, मिर्जापुर रंजीत, रम्पुरा आदि गांवों में किसानों ने पराली खेतों में ही जला दी। 15 दिन पहले ही डीएम ने जिला कृषि अधिकारी को वेस्ट-डीकंपोजर बांटने के निर्देश दिए थे। पूछने पर पता चला कि ज्यादातर किसानों को अब तक यह मिला ही नहीं। जिला कृषि अधिकारी बैठक में मौजूद भी नहीं थे। इस पर डीएम ने उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। किसान खेतों में पराली न जलाएं, इसके लिए उन्हें जागरूक करने और वेस्ट-डीकंपोजर उपलब्ध कराने को कहा।
एंटी लार्वा का छिड़काव करने के निर्देश
जिले में डेंगू का सबसे ज्यादा प्रकोप बहेड़ी तहसील में होने को लेकर उन्होंने एंटी लार्वा का छिड़काव तेज करने और जांच की संख्या बढ़ाने के लिए कहा। एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान, सीडीओ जग प्रवेश, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह, उप निदेशक कृषि डॉ. राजेश कुमार, एसडीएम अजय कुमार उपाध्याय, बीडीओ गरिमा सिंह, सीओ डॉ. तेजवीर सिंह आदि मौजूद रहे। सीएचसी के दवा भंडारण कक्ष में गंदगी मिलने व महिला वार्ड में पुरुषों के भर्ती होने पर डीएम ने नाराजगी जताई। व्यवस्थाएं ठीक करने के निर्देश दिए। भुता थाने पहुंचकर स्टाफ को आवश्यक निर्देश दिए।
भुगतान तेज करने के निर्देश
केसर चीनी मिल के गेस्ट हाउस से निकलने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीएम ने बताया कि चीनी मिल प्रबंधन को भुगतान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने यहां डीएम को ज्ञापन भी दिया। डिग्री कॉलेज प्रबंध कमेटी के सदस्य चौधरी विनोद सिंह ने गन्ना उत्पादक महाविद्यालय के भवन निर्माण में धांधली का आरोप लगाकर शिकायत की। कहा कि कमिश्नर के निर्देश पर हुई जांच में तत्कालीन प्रबंधक दोषी पाए गए थे। दोष सिद्ध होने के बाद भी अब तक न तो रिकवरी हुई है और न ही कोई अन्य कार्रवाई।
रजिस्ट्रेशन नहीं दिखा पाए केंद्र प्रभारी
मंडी यार्ड में बनाए गए धान खरीद केंद्र पहुंचे डीएम ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने वालों किसानों के रजिस्ट्रेशन से संबंधित कागजात मांगे। केंद्र प्रभारी तीन में से दो किसानों का ही रजिस्ट्रेशन दिखा पाए। इस पर डीएम ने कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए। किसानों से संपर्क कर खरीद बढ़ाने के लिए कहा। एसडीएम और तहसीलदार को निरीक्षण के निर्देश दिए।


