Bareilly News: वर्षों बाद चेते अफसर, सड़कों के एस्टीमेट बनवाए, अब बजट का इंतजार
बरेली। गन्ना विभाग की 50 से अधिक सड़कें पांच वर्षों से भी अधिक समय से टूटी हुई हैं। लोक निर्माण विभाग और गन्ना विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त तौर पर सड़कों की मौजूदा हालत का निरीक्षण कर एस्टीमेट तैयार किया। अब पेराई सत्र शुरू होने में 45 दिन बचे हैं। अगर प्रस्तावों को तत्काल मंजूरी मिले तो भी सड़कें नहीं बन पाएंगी।
फिलहाल, शासन से बजट मिलने का इंतजार हो रहा है। निर्माण कार्यों के विशेषज्ञ सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता राजेंद्र आर्य ने बताया कि अगर तत्काल मंजूरी मिलती है तो भी सड़कें 45 दिन के भीतर बनकर तैयार नहीं हो सकती हैं क्योंकि टेंडर प्रक्रिया और वर्क ऑर्डर जारी होने में वक्त लगता है। उनका कहना है कि अगर पेराई सत्र को ध्यान में रखकर सड़कें ठीक कराई जानी थीं तो अब तक काम शुरू हो जाना चाहिए था।
1972 से अभी तक गन्ना विकास परिषद सड़कों का निर्माण कराता था। पहली बार लोक निर्माण विभाग को जिम्मेदारी दी गई है, क्योंकि गन्ना विभाग के पास तकनीकी स्टाफ कम है।
गन्ना किसान सड़को कों लेकर मांग उठाते हैं, इसीलिए गन्ना परिषद उन मार्गों को प्राथमिकता पर ठीक कराता है जिनसे चीनी मिलों को गन्ना जाता है। जो सड़कें खराब हैं, उन्हें अब लोक निर्माण विभाग बनाएगा। जल्दी सड़कों का निर्माण शुरू कराए जाने के लिए आग्रह किया गया है। – यशपाल सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
संयुक्त रूप से सर्वे के बाद लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय को कार्ययोजना बनाकर भेज दी गई है। अब बजट का आवंटन होने पर सड़कों का निर्माण कराएंगे। – नारायण सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग



