Bareilly News: आलमगिरीगंज अब कहलाएगा शिवाजी नगर, भूड़ हुआ टिबरीनाथ
बरेली। नगर निगम की बोर्ड बैठक में बुधवार को वार्डों के नाम बदलने पर जमकर हंगामा हुआ। फाल्तूनगंज का नाम अब आधिकारिक रूप से कालीबाड़ी कर दिया गया। भूड़ को अब टिबरीनाथ और आलमगिरीगंज को शिवाजी नगर के नाम से जाना जाएगा। इस पर विपक्षी पार्षदों ने हंगामा कर दिया। सौदागरान का नाम बदलने का प्रस्ताव आया तो पार्षद भिड़ गए। कुछ देर बाद इस प्रस्ताव को अगली बोर्ड बैठक के लिए प्रस्तावित कर दिया गया। बैठक में पांच वार्डों के नाम बदलने के लिए प्रस्ताव रखे गए। इसमें तीन को मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा टैक्स मामलों में गड़बड़ी, वार्डों में विकास कार्य, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा कर उन्हें हरी झंडी दिखाई गई।
सुबह 11 बजे नगर निगम सभागार में बैठक की शुरुआत में ही कुछ पार्षदों ने कार्यवृत्त को लेकर हंगामा किया। पार्षद राजेश अग्रवाल, सतीश कातिब, गौरव सक्सेना, छंगामल मौर्य, शमीम अहमद, सलीम अहमद, कपिल कांत ने कहा कि शासनादेशों का समय पर पालन ही नहीं होता है। कुछ वार्डाें में काम अटके हुए हैं। इस पर भी हंगामा हुआ। इसके बाद पांच वार्डों का नाम बदलने का प्रस्ताव लाया गया। इस पर पार्षद आपस में भिड़ते रहे, मगर तीन वार्डों से संबंधित प्रस्तावों को पास कर दिया गया।
वार्ड 77 सौदागरान के पार्षद संजीव रस्तोगी ने कहा कि सौदागरान का नाम जगन्नाथ के नाम पर होना चाहिए। इस पर विपक्षी पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। कहा कि सौदागरान का नाम दुनिया में प्रसिद्ध है। आला हजरत दरगाह के नाम के साथ इसे जोड़ा जाता है। कुछ देर तक इस पर हंगामा होता रहा, फिर प्रस्ताव को टाल दिया गया। मगर अगली बोर्ड बैठक के लिए इसे मंजूरी दे दी गई। वार्ड संख्या 74 घेर शेख मिट्ठू का नाम अब्दुल कलाम किए जाने का भी विरोध हुआ।
प्रश्नकाल के दौरान पार्षद कपिल कांत ने जलकल विभाग के मुद्दे पर हंगामा कर दिया। बताया कि जलकल विभाग के कर्मचारी राजू भारती के बेटे तपन भारती निगम के सीवर विभाग में ठेकेदारी और सीवर के चेंबर लगाने का काम कर रहे हैं। यह नियम खिलाफ है। पिछली बार इस मामले को उठाया था तो फर्म को काली सूची में डालने के आदेश हुए थे मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर महापौर उमेश गौतम नाराज हो गए। कहा कि जब तक कार्रवाई के आदेश नहीं आएंगे, सदन की कार्यवाही ठप रहेगी। आधे घंटे बाद कार्रवाई का आदेश आया तो सदन की कार्यवाही फिर शुरू की गई।
पार्षद सतीश कातिब ने कहा कि राजेंद्र नगर, शील चौराहे, इंद्रानगर के आसपास फुटपाथ पर स्ट्रीट फूड के कई ठेले लग रहे हैं। इससे सड़क और नालों पर अतिक्रमण हो रहा है। यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इन ठेले वालों से भवन स्वामी मोटी रकम वसूल रहे हैं। उसी के एवज में इन्हें अपने भवन के सामने ठेला लगाने देते हैं। महापौर ने अतिक्रमण प्रभारी को तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए।
प्रश्न काल में पार्षद अलीम खान ने नगर निगम सीमा क्षेत्र में पॉलिथीन उत्पादन करने वाली कई फैक्टरियां गिनाईं। इस पर महापौर ने आदेश दिए कि दो कर्मचारी पार्षद के साथ छापा कार्रवाई करेंगे। पार्षद राजेश अग्रवाल ने आउटसोर्सिंग पर सवाल उठाए। कहा कि भविष्य में यह बड़ा घोटाला साबित होगा। इसी पर पार्षद कपिल कांत ने अपर नगर आयुक्त सर्वेश कुमार गुप्ता से सवाल किया कि क्या कंपनी को बचाने के लिए सदन को गुमराह किया जा रहा है।
पार्षद सतीश कातिब ने कहा कि यह पहला अवसर है जब बजट न होने की वजह से विकास के काम नहीं हो रहे हैं। पहले विकास के काम कैसे होते रहे हैं। इस पर मेयर ने कहा कि एक्सईएन डीके शुक्ला की लापरपवाही की वजह से काम शुरू नहीं हुए। वह सस्पेंड हो चुके हैं, अब काम तेजी से होंगे। सफाई कर्मियों से टैक्स बिलोें का वितरण कराए जाने का मामला भी उठा।
सपा पार्षद दल के नेता गौरव सक्सेना ने कहा कि धन के अभाव में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इसलिए जनता पर कई अन्य कर लगाए जा रहे हैं। पालतू कुत्तों पर कर बढ़ाया। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन पर व जुर्माने के नाम पर अधिक दरें प्रस्तावित कर जनता से वसूली बढ़ाने के लिए नगर निगम के अधिकारी धारा 91(1) में प्रस्ताव ले आए। सपा पार्षदों ने इसका विरोध किया और आगे भी करेंगे। जनता से वसूली के स्थान पर शासन से धन की व्यवस्था की जानी चाहिए।
शहर के पहले मेयर राजकुमार अग्रवाल के पौत्र आदित्य प्रकाश अग्रवाल ने मेयर को पत्र देकर रामपुर गार्डन में अपने घर के सामने की सड़क को राजकुमार अग्रवाल के नाम से करने के लिए कहा। इसे मंजूरी दे दी गई। इस पर सपा पार्षद गौरव सक्सेना ने विरोध किया। कहा कि पहले मेयर का सम्मान है, मगर अभी वह हमारे बीच हैं। ऐसे में उनके नाम से सड़क का नाम रखना ठीक नहीं होगा।
– 26 वार्डों की सफाई व्यवस्था ठेके पर कराने।
– सम्राट अशोक नगर, राजीव कॉलोनी की मुख्य सड़क, नाला निर्माण।
– चौधरी तालाब रेलवे क्रॉसिंग स्थित रोड का चौड़ीकरण।
– डेलापीर तालाब से डेलापीर पावर हाउस वाली जमीन।
– डेलापीर चौराहे का नाम आदिनाथ करने के लिए।
– बैरियर टू तिराहे का नाम त्रिलोकेश करने के लिए।
– सुभाषनगर पुलिया को गड्ढामुक्त कराने के लिए।
– दुकानों के प्रथम तल का किराया डीएम सर्किल रेट का 40 फीसदी करने के लिए।
– स्वच्छ भारत मिशन की रकम के व्यय का स्पेशल ऑडिट कराया जाए।
– भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा वाली सड़क का नाम राधेश्याम खंडेलवाल मार्ग करने के लिए।



