Bareilly News: देवमूर्ति और योगेंद्र मोहन की अग्रिम जमानत अर्जी
बरेली। बरेली कॉलेज में पांच करोड़ रुपये के गबन के मामले में प्रबंध समिति के सचिव देवमूर्ति और समिति से जुड़े योगेंद्र मोहन की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। देवमूर्ति के अधिवक्ता भूपेंद्र भड़ाना की ओर से जमानत अर्जी पर बल न देने की वजह से ऐसा होने की बात बताई जा रही है।
बरेली कॉलेज के कर्मचारियों की शिकायत पर तत्कालीन मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद के निर्देश पर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश ने गबन के मामले की जांच की थी। इसके बाद सात दिसंबर 2018 को अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में केस की विवेचना क्राइम ब्रांच को दे दी गई। इंस्पेक्टर सुरेंद्र कटियार ने विवेचना में पाया कि दो करोड़ रुपये के काम बगैर टेंडर के ही करा दिए गए। सांठगांठ कर बिल भी पास कर दिए गए। इसके बाद इंस्पेक्टर ने प्रबंध समिति के सचिव देवमूर्ति, उपाध्यक्ष काजी अलीमुद्दीन, पूर्व प्राचार्य सोमेश यादव, अजय शर्मा और ठेकेदार मसूद समेत 14 लोगों को इस मामले में आरोपी बनाया था।



