Bareilly News: 2,200 करोड़ की रामगंगा सिंचाई परियोजना के लिए केंद्र से मांगी मंजूरी
बरेली। प्रदेश के सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण व जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि आठ वर्ष से ठप पड़ी 2,200 करोड़ रुपये लागत की रामगंगा सिंचाई परियोजना पर काम शुरू करने की तैयारी है। जब परियोजना शुरू हुई थी तब से अब तक सर्किट रेट कई गुना बढ़ गया है। किसानों को जमीन का चार गुना देना होता है। इसलिए अधिग्रहण पर अधिक खर्च होगा। बढ़ी हुई लागत के साथ परियोजना को केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा है। इसके बाद काम शुरू कराया जाएगा।
सिंचाई मंत्री सोमवार को मंडल के चारों जिलों के अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में विभागीय परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि परियोजना शुरू होने से बदायूं और बरेली के किसानों को सिंचाई में बड़ी सुविधा मिलेगी। इसके लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत बजट मांगा गया है। पीलीभीत जिले के खमरिया में कच्चा बांध बनाकर रबी की फसलों की सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा।
मंत्री बोले, किसानों काॅल करके पूछिए, पानी टेल तक पहुंच रहा है या नहीं
सिंचाई मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हेलो किसान योजना के तहत उनको कॉल करके पूछिए कि पानी टेल तक पहुंच रहा है या नहीं। अगर टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है तो बाधा को दूर कराएं। अवर अभियंता अपने क्षेत्र में टेल पर किसानों की चौपाल लगाएं। नकलूप पर भी किसानों की चौपाल लगाई जाए।
परियोजना पर एक नजर
2011 में शुरू हुई थी परियोजना
2015 से ठप है काम
322 करोड़ रुपये थी लागत
2,200 करोड़ रुपये बढ़कर हो गई लागत
617 मीटर लंबा रामगंगा बैराज बना, नहर प्रणाली अधूरी पड़ी
1,033 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कर बनाई जानीं थीं नहरें
200 हेक्टेयर जमीन का ही हुआ अधिग्रहण
2024 जिले के प्रत्येक घर को मिलेगा नल से जल
सिंचाई मंत्री ने कहा कि 2024 में जिले के प्रत्येक घर को नल से जल मिलेगा। जल निगम की पाइप लाइनें गांव-गांव में बिछ जाएंगी और पेयजलापूर्ति शुरू हो जाएगी। सर्किट हाउस में रविवार को रात समीक्षा बैठक में उन्होंने जल निगम के कार्यों की सराहना की।



