Bareilly News: बवाल की वजह और दोषियों की पहचान करेंगे बदायूं एसएसपी
बरेली। जोगी नवादा में कांवड़ यात्रा के दौरान बवाल के बाद सीओ से लेकर बीट के सिपाहियों तक की गर्दन पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। एडीजी के निर्देश पर आईजी की देखरेख में बदायूं के एसएसपी मामले की जांच करेंगे।
रविवार को कांवड़ यात्रा के दौरान जोगी नवादा में बवाल हो गया था। प्रांरभिक जांच में एक ओर से गुलाल फेंकने के बाद दूसरी ओर से पथराव की बात सामने आई। इस मामले में दो मुकदमे भी दर्ज हो चुके हैं और कई वीडियो व सीसीटीवी फुटेज से घटनाक्रम की विवेचना की जा रही है।
शुरुआती जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। एडीजी पीसी मीना ने मंगलवार को समीक्षा बैठक में आईजी राकेश कुमार सिंह को जांच कराने का निर्देश दिया था। आईजी ने इसकी जांच एसएसपी बदायूं डॉ. ओपी सिंह को सौंप दी है।
मुगालते में थे एक अफसर, त्योहार रजिस्टर भी नहीं देखा
मामले में नीचे से लेकर ऊपर तक हर स्तर पर लापरवाही की गई। पर्यवेक्षण कर रहे एक पुलिस अधिकारी को लेकर बताया जा रहा है कि वह योगी सरकार होने की बात कहते हुए इस कदर मुगालते में थे कि त्योहार रजिस्टर भी नहीं देखा। जबकि इस रजिस्टर में साफतौर पर दर्ज था कि 2012 में भी इसी जगह पथराव व हंगामा हुआ था। अति आत्मविश्वास के चलते उन्होंने कांवड़ जत्थे के साथ आरएएफ भी नहीं भेजी थी। इसी सिलसिले में ड्यूटी के लिए आई टुकड़ी कैंट के धोपेश्वर मंदिर के पास आराम कर रही थी। अधिकारी लगातार एसएसपी व अन्य अधिकारियों को शांतिपूर्ण माहौल होने की सूचनाएं देते रहे। इंस्पेक्टर मौके पर मौजूद थे पर स्टाफ की कमी की वजह से वह बवाल पर तत्काल नियंत्रण नहीं कर सके।
दरवाजों पर लात मारने का वीडियो वायरल
जोगी नवादा में पथराव की घटना के बाद आरोपी पक्ष के तमाम लोग घरों में ताले डालकर फरार हो गए हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। पुलिस की कई टीमें सुबह शाम इन्हीं इलाकों में तलाशी अभियान चला रही हैं। बुधवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पुलिसकर्मी बंद दरवाजों पर लातें मार रहे हैं। एक शख्स इस वीडियो पर कमेंट करते हुए धार्मिक टिप्पणी कर रहा है।



