Bareilly News: 35 साल से पहचान छिपाकर रह रही बांग्लादेश की महिला गिरफ्तार
देवरनियां। बांग्लादेश की एक महिला पहचान छिपाकर 35 साल से देवरनियां थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव में रह रही थी। पासपोर्ट के लिए आवेदन करने पर इसका खुलासा हुआ। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पकड़ी गई महिला अनीता बांग्लादेश के जिला जेस्सोर के थाना सारसा के गांव बेडी नारायणपुर नाझरन की मूल निवासी है। वह गांव निवासी एक व्यक्ति की पत्नी बनकर रह रही थी। बांग्लादेश में रहने वाला उसका एक रिश्तेदार बीमार है। उसे देखने जाने के लिए बीते दिनों उसने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। इसकी जांच करने पुलिस गांव पहुंची तो महिला के बांग्लादेशी होने की बात सामने आई।
इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। सूचना पर खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गईं। स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) ने भी गांव पहुंचकर जांच की। इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह धामा ने बताया कि महिला के परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन की सीडीआर खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बांग्लादेश में उसकी किन लोगों से बातचीत होती है।
घरेलू सहायिका का काम करने आई थी भारत
महिला ने बताया कि कई साल पहले वह बांग्लादेश से घरेलू सहायिका का काम करने भारत आई थी। मजदूरों को भारत लाने वाले व्यक्ति ने उसे बॉर्डर पार कराया था। उत्तराखंड सहित कई राज्यों में भटकते हुए वह बरेली पहुंची। यहां एक फैक्टरी में मजदूरी के दौरान उसकी पहचान उदयपुर निवासी व्यक्ति से हुई। इसके बाद दोनों ने शादी कर ली। दंपती के तीन बेटे और दो बेटियां हैं।
पहले भी पकड़ी जा चुकीं हैं बांग्लादेशी महिलाएं
जिले में पहले भी कई बांग्लादेशी महिलाएं पकड़ी जा चुकी हैं। इसी साल फरवरी में नवाबगंज के समुहा और अक्तूबर में शीशगढ़ थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव में बांग्लादेशी महिलाएं पकड़ी गई थीं। बीते दिनों अलीगंज थाना क्षेत्र में भी एक बांग्लादेशी महिला मिली थी।



