Bareilly News: बहेड़ी बॉर्डर लांघकर पहाड़ों में खपाई जा रही बरेली की स्मैक
बरेली। फतेहगंज पश्चिमी कस्बा स्मैक की मंडी के रूप में चर्चित है। तस्कर यहां से भोजीपुरा, देवरनिया और बहेड़ी के रास्ते स्मैक की खेप ले जाकर पहाड़ों में खपा रहे हैं। उत्तराखंड पुलिस ने हर जिले में अभियान चलाकर दो महीने के भीतर बरेली के कई तस्करों को जेल भेजा है।
बहेड़ी से निकलते ही पुलभट्टा, किच्छा, रुद्रपुर, हल्द्वानी और नैनीताल पुलिस तस्करों को गिरफ्तार कर स्मैक बरामद कर रही है। ताज्जुब है कि तस्कर सीमावर्ती बहेड़ी पुलिस के हाथ नहीं आ रहे।
स्मैक के धंधे के लिए फतेहगंज पश्चिमी कस्बा देश भर में जाना जाता है। फरीदपुर, अलीगंज इलाकों में भी अफीम व स्मैक की तस्करी की जाती है। उत्तराखंड में बरेली की स्मैक की मांग आश्चर्यजनक रूप से बढ़ी है। सूत्र बताते हैं कि वहां के नामी कॉलेजों में इसे खपाया जा रहा है। पर्यटन स्थल होने की वजह से भी वहां नशे की मांग रहती है।
शेरगढ़ की महिला स्मैक के पकड़ी
रुद्रपुर पुलिस ने 21 अगस्त को दो महिलाओं को 44.76 ग्राम स्मैक और स्मैक बेचकर मिले 83,600 रुपये के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आजादनगर से मीना पत्नी बाबूराम और सपना पत्नी अरविंद को पकड़ा गया। दोनों ही मूल रूप से बहेड़ी से सटे शेरगढ़ थाना क्षेत्र के कुंवरपुर गांव की निवासी हैं।
बरेली की स्मैक के साथ पकड़े आरोपी
रुद्रपुर पुलिस ने 10 अगस्त को 10 ग्राम स्मैक के साथ खेम सिंह निवासी जिला रुद्रपुर को गिरफ्तार किया। उसने बताया कि यह स्मैक उसे अमरपुर निवासी मोंटी उर्फ अंग्रेज सिंह ने बेचने के लिए दी है। स्मैक बरेली से लाई गई थी।
कार सवार तीन लोगों से मिली थी अफीम
17 जुलाई को खटीमा पुलिस ने शाहजहांपुर के बंडा निवासी पंकज शुक्ला व निगोही के धर्मेंद्र अवस्थी और पीलीभीत के न्यूरिया के गांव भिंडारा निवासी हरीश कुमार राठौर को पकड़ा था। पंकज के पेट पर चिपके लिफाफे में 662 ग्राम अफीम मिली। शाहजहांपुर में अफीम तैयार की और बरेली के रास्ते यहां बेचने आए थे।
लालकुआं पुलिस के हाथ लगे बरेली के तस्कर
22 अगस्त को लालकुआं थाना पुलिस ने फतेहगंज पश्चिमी के मोहल्ला अंसारी निवासी नमीस और बरेली कोतवाली के बिहारीपुर निवासी अभय शर्मा को 172 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा था। दोनों ने फतेहगंज पश्चिमी में स्मैक के धंधे और वहां से बहेड़ी के रास्ते दाखिल होने की जानकारी दी। नमीस साधारण परिवार से है। कमाई की चकाचौंध में इस धंधे से जुड़ गया। उसने धंधे में जुड़े लोगों और सिंडीकेट के बारे में बताया।
90 प्रतिशत खेप बरेली से
हल्द्वानी जाने वाली स्मैक को लेने सिर्फ 10 फीसदी तस्कर ही किच्छा और लालकुआं आते हैं। 90 फीसदी सौदों में बरेली के माफिया ही स्मैक को हल्द्वानी तक भिजवाते हैं। लालकुआं और किच्छा में रेलवे स्टेशन होने से तस्कर वहां आकर सप्लाई ले लेते हैं।
वर्जन
उत्तराखंड में बरेली से स्मैक जाने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी मिली है। बहेड़ी से जुड़े बार्डर पर सख्ती कराई गई है। दो महीने सावन में कांवड़ यात्रा व अन्य आयोजनों को लेकर पुलिस के सामने दूसरी चुनौतियां थीं। अब स्मैक तस्करों की धरपकड़ का अभियान चलेगा। – डॉ. राकेश सिंह, आईजी बरेली रेंज
उत्तराखंड में आने वाली स्मैक की खेप पर निगरानी के लिए खासतौर से पुलिस को जिम्मेदारी दी गई है। हमारे यहां शासन स्तर से नशा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत डेढ़ महीने में डेढ़ किलो स्मैक बरामद कर कई तस्कर पकड़े हैं। अधिकतर आरोपी बरेली से संबंधित होते हैं। – मंजूनाथ, एसएसपी रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर)



