Bareilly News: सट्टेबाज का सवाल… मुझे स्मैक तस्कर क्यों बना दिया
बरेली। किला थाने की एक चौकी पर तैनात रहीं महिला दरोगा एक सट्टेबाज के सवालों में फंस गई हैं। उसने एसएसपी दफ्तर पहुंचकर अधिकारियों और मीडिया के सामने कबूल किया कि वह सट्टा करता है। महिला दरोगा ने उससे पूरे इलाके में सट्टा कराकर हिसाब लिया पर जब फंसने लगीं तो स्मैक बरामदगी दिखाकर उसे जेल भेज दिया। मामले की जांच शुरू हो गई है।
किला के बाजार संदल खां निवासी अफसर खां एक हाथ से दिव्यांग है। उसने बताया कि छह महीने पहले चौकी की जिम्मेदारी देख रहीं दरोगा ने उसे बुलाया और क्षेत्र में सट्टा करने को कहा। वह इस धंधे से कमाई करने लगा और हर महीने जाकर पूरा हिसाब महिला दरोगा को दे देता था। बदले में महिला दरोगा उसे कुछ रुपये बतौर कमीशन देती थीं, जिससे उसका परिवार चलता था।
आरोप लगाया कि 20 जून को महिला दरोगा ने उसे चौकी पर बुलाया। उसने सोचा कि सट्टे के ही सिलसिले में बुलाया होगा पर कुछ देर बैठाने के बाद उसे किला थाने भेज दिया। वहां उस पर 20 ग्राम स्मैक बरामद दिखाकर मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया। जेल में भी उसे परेशान किया गया। जेल से छूटने के बाद गुरुवार को वह महिला दरोगा से मिला। उसने उनसे झूठे मुकदमे में जेल भेजने की वजह पूछी तो बताया कि अफसरों का दबाव था। फिर उसे दोबारा से झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देकर भगा दिया।
आरोपी ने कप्तान की कार्रवाई को सराहा
आरोपी अफसर खां ने एसएसपी प्रभाकर चौधरी की कार्रवाई की तारीफ की। कहा कि सट्टा व अन्य बुरे काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अच्छी पहल है। मैंने सट्टा कराया, ये कबूलने में भी दिक्कत नहीं है। मेरे गली मोहल्ले में जाकर कोई पूछ ले तो लोग बता देंगे कि स्मैक के धंधे से मेरा कोई मतलब नहीं रहा, इसलिए ये कार्रवाई मुझे गलत लगी। इसकी जांच कराई जानी चाहिए।
बड़े सट्टेबाजों का वनवास खत्म
अमर उजाला में पिछले दिनों खबर छपने के बाद ही सट्टेबाजों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। किला और प्रेमनगर क्षेत्र के कई चौकी प्रभारियों ने बड़े सट्टेबाजों से कुछ कारिंदे लेकर पर्ची लगाकर जेल भेजे थे। सट्टे का बड़ा काम करने वालों से कुछ दिन बाहर रहने को कहा गया था। किला क्षेत्र के दो चर्चित सट्टेबाजों में से एक रामपुर तो दूसरा शहर के ही दूसरे इलाके में मोबाइल बंद कर बैठ गया था। दूसरे नंबरों से व्हाट्सएप पर काम चल रहा था। अब दोनों के नंबर दोबारा खुल गए हैं। बताते हैं कि एक जिम्मेदार ने उससे शहर में ही रहकर सीमित तरीके से काम करने के लिए कहा है। पिछले महीने काम प्रभावित होने की वजह से आधा हिसाब करने को ही कहा गया है।
वर्जन
महिला दरोगा के खिलाफ आरोप की जानकारी नहीं है। हो सकता है कि किसी और अधिकारी के सामने शिकायत आई हो। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। – प्रभाकर चौधरी, एसएसपी



