Bareilly News: गुलाबी नोटों की खपत से ईंट लाल, सीमेंट-सरिया में भी उछाल
बरेली। दो हजार रुपये के नोट 30 सितंबर के बाद प्रचलन से बाहर हो जाएंगे। इससे पहले उसे खपाने के लिए लोग अलग-अलग हथकंडे अपना रहे हैं। बैंकों में नोट बदलने से धरपकड़ की आशंका के चलते आशियाना निर्माण की आड़ में गुलाबी नोट खपाए जा रहे हैं। निर्माण सामग्री की बढ़ी कीमतें इसकी पुष्टि कर रही हैं।
गाढ़ी कमाई से जुटाकर घरों में रखे दो हजार के नोट को लोग बैंकों में बदल रहे हैं। इससे ज्यादा जरूरत के सामान की खरीदारी हो रही है। आभूषण, वाहन और कपड़े समेत विद्युत उपकरणों की खरीदारी जोरों पर हो रही है। 12 दिनों में ही इन क्षेत्रों में कारोबार में करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
अब जिन लोगों के पास दो हजार रुपये के नोट हैं, वे इसे भवन निर्माण में खपा रहे हैं। बड़े कारोबारी समेत तमाम लोग जिनके पास भूमि उपलब्ध है, वे दो हजार के नोट से निर्माण सामग्री की खरीदारी में जुट गए हैं। इसके चलते सामग्री की कीमतों में भी उछाल आया है। दो हजार रुपये के नोट लेकर पहुंच रहे लोगों से सामान्य से ज्यादा कीमत वसूली जा रही है।
दो सप्ताह में ही बढ़ गए दामसीमेंट की एक बोरी जो दो सप्ताह पहले तक 350 रुपये में बिक रही थी, अब उसकी कीमत 400 रुपये हो गई है। 90-100 रुपये प्रति घनफुट बिकने वाली रेत की कीमतें अब 130-140 रुपये तक पहुंच गई हैं। बजरी के दाम भी 110 रुपये प्रति घनफुट से बढ़कर अब 140-150 रुपये तक हो गए हैं। 65 रुपये प्रति किलो बिकने वाली सरिया की कीमतें भी दो सप्ताह के भीतर 80 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंची हैं।
ईंट की कीमत में प्रति हजार 1,500 रुपये की बढ़ोतरी
कारोबारियों के मुताबिक दो सप्ताह पहले 4,500 से 5,000 रुपये प्रति हजार बिकने वाली ईंट के दाम अब छह हजार रुपये तक पहुंच गए हैं। ऐसे में जिनके पास दो हजार रुपये के नोट नहीं हैं, उन्हें भी अब भवन निर्माण में महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। अमूमन जो घर दस लाख रुपये में बन सकता था, अब वह करीब 12 लाख में बनेगा।
दाम कम होने के आसार भी बेहद कम
दो हजार रुपये के नोट के बदले वसूले जा रही ज्यादा कीमतों में फिलहाल गिरावट के आसार भी नहीं हैं। पीलीभीत बाईपास के कारोबारी अनुभव गुप्ता के मुताबिक भवन निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने से घर बनाना अब महंगा हो गया है। कारोबारी रोहित सक्सेना ने 30 सितंबर के बाद ही लोगों को घर बनवाने का सुझाव दिया है।



