Bareilly News: बाल विवाह के खिलाफ चलाना था अभियान, भूल गए जिम्मेदार
बरेली। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पूरे प्रदेश में 16 अक्तूबर को बाल विवाह के विरोध में जागरूकता अभियान चलाया जाना था। महानिदेशक विजय किरन आनंद ने एक शपथ पत्र भी जारी किया था, जिसे अभिभावकों से भरवाकर उन्हें इस बात की शपथ दिलाई जानी थी कि वे अपने बच्चों को इस कुरीति के हवाले नहीं करेंगे। विभाग ने इस अभियान में घोर लापरवाही बरती।
राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से इसके लिए गूगल फॉर्म साझा किया गया था जिस पर अभियान की सतर्कता से जुड़ी जानकारी भरकर साझा की जानी थी, लेकिन इस पर भी कोई काम नहीं किया गया। ब्लॉक स्तर पर भी खंड शिक्षा अधिकारियों ने अभियान को लेकर कोई सतर्कता नहीं दिखाई।
जिले के कई गांवों और कस्बों में अब भी बाल विवाह की कुप्रथा जिंदा है। हालांकि, वर्ष 2022 की तुलना में इस साल कम मामले दर्ज हुए हैं। वर्ष 2022 में बाल विवाह के 35-40 मामले सामने आए थे। इस साल मार्च से अब तक 10-12 मामले ही सामने आए हैं। बाल कल्याण समिति ने खुद इस बात को स्वीकार किया है कि बाल विवाह के मामलों में कमी तो आई है, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि यह कुरीति अब खत्म हो चुकी है।
बाल कल्याण समिति की सदस्य डॉ. राखी चौहान ने बताया कि जिन परिवारों में बेटियां ज्यादा हैं और शिक्षा व धन का अभाव है, वहां ऐसी स्थितियां उत्पन्न होती हैं। परिजन जल्दी शादी कराकर बेटियों से पीछा छुड़ाना चाहते हैं। कई बार अभिभावक बेटी से दोगुनी उम्र के व्यक्ति के साथ भी उसकी शादी कर देते हैं।
16 तारीख से अभियान चलाया जाना था, फिलहाल ब्लॉकवार अभियान की स्थिति की जानकारी नहीं है। खंड शिक्षा अधिकारियों से इस संबंध में बात की जाएगी। हालांकि, अगर अभियान नहीं चलाया गया है तो इसे अब शुरू करा सकते हैं। – संजय सिंह, बीएसए



