बरेली

Bareilly News: प्रश्नों के उत्तर का बदला प्रारूप सुलझाने में उलझे अभ्यर्थी

Connect News 24

बरेली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा रविवार को जिले के 41 केंद्रों पर आयोजित हुई। प्रश्नों के उत्तर देने का प्रारूप बदलने से अभ्यर्थी उलझे रहे। सुलझाने में कई पूरा प्रश्नपत्र हल नहीं कर सके। सी-सैट के प्रश्न भी कठिन रहे। इससे मेरिट गिरने की संभावना है।

यूपीएससी परीक्षा के लिए जिले में 18,034 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। पहली पाली में 8,781 और दूसरी में 8,725 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। 52 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। यूपीएससी कोचिंग संचालक एसपी शर्मा के मुताबिक अबकी बार आयोग ने पेपर में सवालों के जवाब देने का पैटर्न बदल दिया। अंकों के जरिये विकल्पीय सवाल के जवाब देने की वजह से अनुमान लगाना कठिन साबित हुआ।

पहले जोड़े बनाने पर सही, गलत पूछा जाता था, जो अबकी बार अंकों के जरिये पूछा गया था। प्रश्नपत्र में भूगोल के 17, पर्यावरण के 15, इतिहास के 12, पॉलिटिक्स के 13, इकोनॉमी के 13, विज्ञान के पांच सवाल थे। सम सामयिक घटनाक्रम के भी कई सवाल रहे। दूसरी पाली में सी-सैट का पेपर था।

सी सैट में पूछे गए सवाल काफी कठिन रहे। जिन अभ्यर्थियों ने अच्छे से तैयारी की होगी, वही इसमें अच्छे अंक हासिल कर सकेंगे। बताया कि उत्तर के प्रारूप में बदलाव, सी सैट का पेपर कठिन होने, रिक्तियों की संख्या करीब 12 सौ होने से अबकी बार मेटिर में गिरावट होना तय है। कहा कि पिछली बार परंपरागत तौर पर पूछे जाने वाले मॉडर्न और मध्यकालीन इतिहास के बजाय प्राचीन इतिहास के सवाल ज्यादा पूछे गए।

फोटो : अभ्यर्थियों से बातचीत

पहले भी पेपर दिया है, पर इस बार पेपर का पैटर्न बदला हुआ था। कुछ सवाल उलझने से जवाब देना कठिन था। – अभय सिंह, अभ्यर्थी

दो मेन्स दे चुका हूं। लेकिन इस बार जो सवाल पूछे गए उनके जवाब तो पता थे, पर सभी विकल्प एक जैसे ही थे। – आलोक सिंह, अभ्यर्थी

सवाल तो आसान थे, पर जवाब लिखने में कठिनाई हुई। जिन्होंने अच्छे से पढ़ाई की होगी वही जवाब दिए होंगे। – अतुल पाल, अभ्यर्थी


प्राचीन इतिहास के सवाल अबकी बार पूछे गए थे, जबकि आमतौर पर मॉडर्न इतिहास से ही सवाल पूछे जाते हैं। – अतुल कुमार, अभ्यर्थी


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button