Bareilly News: कब्जे, धूल और जाम
बरेली। पीलीभीत बाईपास पर सीवर खोदाई शुरू हुए करीब एक हफ्ता बीत गया। यहां पब्लिक को राहत देने वाले इंतजाम अभी तक नहीं हुए।तीन किलोमीटर सड़क पर लोग अतिक्रमण, धूल और जाम से जूझ रहे हैं।
खोदाई से एक लेन बंद हो गई है। दोनों ओर के यातायात का दबाव दूसरी लेन पर आ गया है। बावजूद इसके अतिक्रमण हटवाकर फुटपाथ खाली नहीं कराए गए। फुटपाथ खाली रहने से छोटे वाहन चालकों के पास जाम से बचने का विकल्प रहता। एक लेन पर दो तरफ का ट्रैफिक चालू करने से पहले उस पर बैरिकेड लगाकर दो हिस्सों में भी नहीं बांटा गया। जल्दबाजी में वाहन चालक आमने-सामने आ जाते हैं। डोहरा रोड से संजय नगर मोड़ तक की स्थिति सबसे अधिक खराब है। अब तो स्कूली वाहन भी फंसने लगे हैं। एयरपोर्ट तक जाने के लिए भी यही सड़क है।
डोहरा रोड मोड़: दिनभर धूल का गुबार
इस समय खोदाई का काम यहीं चल रहा है। सड़क के कुछ हिस्से पर काम पूरा हो गया है। उसे बंद कर दिया गया है। इसके ऊपर से कुछ वाहन गुजरने लगे हैं। इससे वहां चारों ओर दिनभर धूल का गुबार उड़ता है। लोग इसी के बीच से निकलने के लिए मजबूर है। धूल के कण हवा में न घुलें, इसके इंतजाम नहीं किए गए। इसे समतल भी नहीं किया गया है। इस वजह से वाहन सवार ऊबड़ खाबड़ जगह से बचने के लिए टकराते रहते हैं।
सुरेश शर्मा नगर मोड़: फुटपाथ पर रस्सी बांधकर कब्जा
खोदाई की वजह से यहां सड़क के एक ओर यातायात चल रहा है। उसी ओर नर्सरी और ठेला वालों ने कब्जा कर रखा है। एक निजी अस्पताल के सामने सड़क तक बाइकें, कारें और एंबुलेंस खड़ी हो जाती हैं। कुछ लोगों ने सड़क किनारे फुटपाथ पर रस्सी बांधकर कब्जा कर रखा है। कोई भी वाहन सवार जाम से बचने के लिए फुटपाथ तक भी नहीं जा पा रहा है। प्रशासन ने खोदाई से पहले इन अव्यवस्थाओं को दूर नहीं किया।
सेटेलाइट से ही कब्जों की शुरुआत
पीलीभीत बाईपास पर कब्जों की शुरुआत सेटेलाइट से ही हो जाती है। बस अड्डे और पुलिस चौकी के ठीक सामने ठेले वालों ने आधे से अधिक सड़क पर कब्जा कर रखा है। यह कब्जा सतीपुर चौराहे तक है। फुटपाथ तो यहां दिखता ही नहीं। लोगों का कहना है कि इन्हें चौकी पुुलिस का संरक्षण प्राप्त है। यही वजह है कि कार्रवाई नहीं हो रही है।
मैंने ठेकेदार को निर्देश दिए हैं कि जहां तक खोदाई कर लाइन डालने का काम पूरा हो जाए, वहां तत्काल सड़क ठीक कर दी जाए। पानी के छिड़काव के लिए भी कहा है। साफ निर्देश हैं कि किसी को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
-कुमकुम गंगवार, अधिशासी अभियंता



