Bareilly News: तोतलेपन का इलाज कराने आए बच्चे का कर दिया खतना
बरेली। स्टेडियम रोड स्थित एम खान अस्पताल में शुक्रवार को तोतलेपन का इलाज कराने के लिए आए बच्चे का खतना कर दिया गया।ऑपरेशन के बाद बच्चा वार्ड में लाया गया तो देखकर माता-पिता के होश उड़ गए। उन्होंने डॉक्टर और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। हिंदू संगठनों के लोग भी पहुंच गए और अस्पताल पर जानबूझकर खतना करने का आरोप लगाया। मामला बढ़ने पर पुलिस के साथ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पदाधिकारी भी पहुंचे। बच्चे के पिता ने बारादरी थाने में तहरीर दी। एसपी ने तीन विभागों के अधिकारियों की कमेटी से जांच कराने की बात कही है।
संजयनगर निवासी कारपेंटर हरिमोहन यादव ने बताया कि उनका दो साल का बेटा बोल नहीं पाता है। किसी ने बताया था कि एम खान अस्पताल में तालू के मामूली ऑपरेशन से बच्चा सही हो जाएगा। वह पत्नी प्रियंका और बेटे को लेकर शुक्रवार सुबह 11 बजे अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने समस्या बताई तो बच्चे को भर्ती कर लिया गया। कुछ देर बाद डॉ. जावेद खान व स्टाफ बच्चे को ऑपरेशन थिएटर में ले गए। करीब तीन बजे जब बच्चे को लाकर बेड पर लिटाया गया तो उन्हें पता लगा कि बेटे का खतना कर दिया गया है। उन्होंने अस्पताल के स्टाफ से पूछताछ की तो किसी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। बेटे के साथ अजीबोगरीब घटना होने से दोनों रोने लगे। पारिवारिक सदस्यों को जानकारी दी। उनके साथ हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार व अन्य संगठनों के लोग पहुंचे। डॉक्टर से बात करने की कोशिश की गई तो स्टाफ ने मिलने नहीं दिया। इस पर लोगों ने हंगामा किया। सूचना पर सीओ थर्ड आशीष प्रताप और बारादरी थाना प्रभारी अभिषेक सिंह मौके पर पहुंचे। आईएमए के अध्यक्ष विनोद पागरानी भी टीम के साथ आ गए। उन्होंने हरिमोहन के परिजनों और डॉक्टर से बातचीत की। हरिमोहन के साथ अस्पताल प्रबंधन ने बंद कमरे में बात की। पर वह कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे। रात आठ बजे उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ तहरीर दी।
अस्पताल प्रबंधन की सफाई, परिवार को बताकर किया ऑपरेशन
पुलिस अधिकारियों और मीडिया से बातचीत में अस्पताल प्रबंधन ने आरोप को सिरे से नकार दिया। कहा कि बच्चे को लाते वक्त माता-पिता ने बताया था कि वह पेशाब नहीं कर पा रहा है। इस समस्या के इलाज के तौर पर उन्हें बताकर ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन होने के बाद उन्हें किसी ने भड़का दिया तो वह आरोप लगाने लगे। आईएमए के पदाधिकारी ने बताया कि फायमोसिस नाम की एक बीमारी है, जिसके निदान के लिए इस तरह का ऑपरेशन करना पड़ता है। इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है। परिवार को इसकी जानकारी थी।
जानबूझकर की खुराफात, नहीं करेंगे समझौता
हरिमोहन का कहना है कि उनके बच्चे को पेशाब संंबंधी कोई समस्या ही नहीं है। उसे बोलने में ही दिक्कत थी, जो आज भी है। भर्ती करते समय तोतलेपन के इलाज की बात कही गई थी। बच्चे के साथ जानबूझकर हरकत की गई है। अब उन्हें मामला रफा-दफा करने के लिए प्रलोभन देने की कोशिश की जा रही है।
फ्रेंग्युलम के धोखे में तो नहीं किया ऑपरेशन
डॉक्टरों के मुताबिक, तोतलेपन के इलाज में तालू के नीचे की झिल्ली का ऑपरेशन किया जाता है। तालू के नीचे की झिल्ली और बच्चे के प्राइवेट पार्ट के ऊपर की खाल को फ्रेंग्युलम कहा जाता है। ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों व स्टाफ इसी शब्द का खासतौर से इस्तेमाल करते हैं। इस घटनाक्रम को लेकर कयास लगाया जा रहा है कि आपरेशन के समय फ्रेंग्युलम कहा गया होगा। ऐसे में इस शब्द के धोखे में ऐसा हुआ होगा।
वर्जन
एम खान अस्पताल में खतना कराने का आरोप लगाकर बच्चे के पिता ने प्रबंधन के विरुद्ध तहरीर दी है। इस मामले में प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के अधिकारियों की कमेटी गठित की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
– राहुल भाटी, एसपी सिटी



