Bareilly News: कमाई वाले रूटों से हटाए गए बदनाम परिचालक फिर उन्हीं पर लौटे
बरेली। रोडवेज बसों में बेटिकट यात्रा कराकर अपनी जेब गरम करने के आरोप में कमाई वाले रूटों से हटाए गए कई बदनाम चालक-परिचालक फिर से पुराने रूटों पर लगाए जाने लगे हैं। बताया जा रहा है कि इसमें भी रिश्वतखोरी का खेल है। टाइम ऑफिस में सेटिंग की वजह से ऐसा संभव हुआ है। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय के क्लर्क जगमोहन यादव के एक दिन पहले दस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार होने के बाद यह बात सामने आई है।
बरेली से उत्तराखंड के जिलों के अलावा दिल्ली, जयपुर, आगरा रूटों पर चलने वाली रोडवेज बसों में बेटिकट यात्रा के मामले बरेली, बदायूं और रुहेलखंड डिपो में सबसे ज्यादा सामने आने के बाद प्रबंध निदेशक के आदेश पर वर्षों से एक ही रूट पर चलने वाले चालक-परिचालकों के रूट बदल दिए गए थे। दो महीने के भीतर ही ये चालक-परिचालक जोड़तोड़ के सहारे पुराने रूटों पर लौटने में कामयाब रहे हैं। गौर करने की बात यह है कि नियम विरुद्ध चालक-परिचालकों को ड्यूटी देने वाले टाइम कीपरों के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन रोडवेज में फिर सब कुछ पुराने ढर्रे पर आ गया है। इसी प्रकरण में मुख्यालय स्तर से रीजन में रुहेलखंड डिपो के एआरएम राजेश कुमार और बदायूं के एआरएम अशोक कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी।
वर्जन-
लंबे समय से एक ही रूट पर चलने वाले चालक-परिचालकों के रूट बदले गए थे। अगर किसी डिपो में फिर से इन चालक-परिचालकों को पुराने रूटों पर भेजा गया है तो कार्रवाई की जाएगी। इनकी वापसी करने वालों को भी चिह्नित किया जाएगा। -दीपक चौधरी, आरएम
इनकी हुई वापसी
केस-1
रुहेलखंड डिपो में तैनात सत्यप्रिय गौतम संविदा परिचालक हैं। इनकी अनुबंधित बसों में ड्यूटी लगती है। प्रबंध निदेशक के आदेश पर मार्च में इन्हें हल्द्वानी रूट से हटा दिया गया था। बीते दिनों इन्हें फिर से उसी रूट पर लगा दिया गया।
केस-2
बरेली डिपो में तैनात मनोज गुप्ता भी संविदा परिचालक हैं। इन्हें भी हल्द्वानी रूट से ही हटाया गया था। बीते दिनों इनकी भी वापसी हो गई।


