Bareilly News: दोगुनी हुई ई-बसों की दौड़… यात्री भी बढ़े, फिर भी घट गई कमाई
बरेली। ई-बसों की दौड़ करीब दोगुनी हो गई है। यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है, लेकिन आमदनी लगातार घटती जा रही है। सिटी बस सेवा को घाटे से उबारने के लिए प्रबंधन के प्रयोग कामयाब नहीं हो रहे हैं। उम्मीद थी कि ग्रामीण रूटों पर बसों के संचालन से स्थिति में सुधार होगा, लेकिन इसमें टोल का पेच फंस गया।
शहर में 24 ई-बसों का संचालन अप्रैल 2023 में शुरू किया गया था। इससे पहले 15 बसों का संचालन बरेली-फरीदपुर के बीच किया जा रहा था। उस समय फरीदपुर रोड पर टोल प्लाजा शुरू नहीं हुआ था। नवंबर 2022 में बरेली-फरीदपुर के बीच 15 ई-बसों ने 70,368 किमी की दौड़ लगाई। इन बसों में 37,151 सवारियों ने यात्रा की। इससे आठ लाख रुपये की आय हुई।
दिसंबर में यात्रियों की संख्या करीब पांच हजार घट गई, लेकिन कमाई पर विशेष असर नहीं हुआ। जनवरी 2023 में 22,748 यात्रियों ने ई-बसों में सफर किया। इससे आठ लाख रुपये की आय हुई। 31 मई को बोर्ड बैठक में पेश की गई नवंबर 2022 से अप्रैल 2023 तक की प्रगति रिपोर्ट में ये चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।
नवंबर 2022 से फरवरी 2023 तक कमाई में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं आया, लेकिन अप्रैल 2023 में 24 सिटी बसों का शहर में चार रूटों पर संचालन शुरू हुआ तो कमाई धड़ाम हो गई। इस माह 24 बसें शहर में चार रूटों पर 1.25 लाख किमी से ज्यादा दौड़ीं। 45 हजार से ज्यादा यात्रियों ने इनमें सफर किया, लेकिन आय महज 7.54 लाख रुपये ही हुई।
अप्रैल में बढ़ाया न्यूनतम किराया
सिटी बसों का न्यूनतम किराया अप्रैल 2023 में पांच रुपये से बढ़ाकर 11 रुपये कर दिया गया था। इसके बाद भी मार्च 2023 के मुकाबले अप्रैल में सिटी बस सर्विसेज की आमदनी में सात प्रतिशत की कमी आई। यह स्थिति तब है, जबकि मार्च में सिर्फ 15 ई-बसें दौड़ी थीं, अप्रैल में यह संख्या 25 हो गई थी। बसों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में भी करीब 12 हजार का इजाफा हुआ, लेकिन कमाई कम हो गई।
मेंटीनेंस, बिजली बिल, स्टाफ का खर्च निकालना भी मुश्किल
शहर में 24 ई-बसों का संचालन हो रहा है। स्वालेनगर स्थित डिपो में मरम्मत आदि के लिए काफी संख्या में स्टाफ है। हर माह एक लाख रुपये से ज्यादा बिजली बिल भी देना होता है। घाटा होने के कारण खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है। पिछले दिनों वेतन न मिलने से नाराज परिचालकों ने कार्य बहिष्कार भी किया था।
बड़ा सवाल : कैसे घटी कमाई
बसों की संख्या बढ़ने के साथ ही उनकी दौड़ भी बढ़ गई। न्यूनतम किराया भी बढ़ा दिया गया। यात्रियों की संख्या में भी इजाफा हुआ। इसके बाद कमाई कैसे घट गई, यह समझ से परे है।
जवाब देने से कतरा रहे अफसर
कमाई घटने के सवाल पर सिटी बस सर्विसेज के प्रबंध निदेशक दीपक चौधरी ने पहले तो आंकड़ों की जानकारी नहीं होने का बहाना बनाते हुए बाद में बात करने को कहा। इसके बाद उन्होंने फोन बंद कर लिया।
शहर में संचालित ई-बसों की स्थिति
माह बसें किमी कमाई यात्री संख्या
नवंबर-2022
दिसंबर-2022
जनवरी-2023
फरवरी-2023
मार्च-2023
अप्रैल-2023
नोट : कमाई रुपये में।



