Bareilly News: अश्लील हरकतों के लिए बदनाम निलंबित थानेदार
बरेली। निलंबित किए गए पीलीभीत के घुंघचाई थाने के एसओ राजेंद्र सिंह सिरोही पर अश्लील हरकतें करने के पहले भी आरोप लगते रहे हैं। भमोरा थाने में तैनाती के दौरान एक महिला सिपाही की शिकायत पर भी वह लाइनहाजिर हुआ था। बारादरी थाने में मंगलवार को दर्ज हुई रिपोर्ट के मुताबिक शिकायत करने वाली महिला के अलावा कई और लड़कियों को भद्दे मेसेज व कॉल कर रहा था।
राजेंद्र सिंह सिरोही उपनिरीक्षक होने के बावजूद अफसरों की कृपा से लगातार थानेदार का प्रभार देख रहा था। ऐसा भी तब हो रहा था, जब महिलाओं से अश्लील हरकतों के मामले में वह आरोपी रहा है। तत्कालीन एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के समय वह भमोरा थाने में प्रभारी के रूप में तैनात था।
सीओ आंवला दीपशिखा तब वहां ट्रेनी के रूप में उनके समकक्ष काम कर रही थीं। सीओ से उसकी तनातनी की चर्चा उन दिनों आम रही थी। इस बीच एक महिला सिपाही ने उस पर भद्दे मेसेज भेजने का आरोप लगाया था। गलत तरीके का व्यवहार करने और कुछ व्हाट्सएप मेसेज के साक्ष्य लेकर सिपाही ने एसएसपी से शिकायत की तो उन्होंने राजेंद्र सिंह सिरोही को लाइनहाजिर कर दिया। तत्कालीन एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध के तबादले के बाद अधिकारियों ने जांच में उसे क्लीनचिट दे दी थी। हालांकि मौजूदा एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने इसी पत्रावली में उसे दंडित कर दिया था। इसके बाद उसने पीलीभीत में तबादला कराकर थानेदारी ले ली।
पीड़िता के साथ बारादरी थाने पहुंची अन्य युवतियों ने भी सिरोही पर गंभीर आरोप लगाए। बताया कि पीड़िता की किरायेदार व सहेलियों को भी वह इसी तरह के मेसेज और अश्लील फोटो भेज रहा था। वर्दी उतारकर अश्लील हरकत करते सिरोही के कई फोटो इन लोगों के मोबाइल में हैं। अश्लील चैट के साथ ही सिरोही की अश्लील रिकॉर्डिंग भी इनके पास हैं।
एसओ का नंबर बंद, हनीट्रैप का बता रहे मामला
अमर उजाला ने आरोपों को लेकर राजेंद्र सिंह सिरोही से बातचीत का प्रयास किया, पर बात नहीं हो सकी। मंगलवार दोपहर अफसरों के पास पीड़ित पक्ष के पहुंचते ही राजेंद्र सिंह ने मोबाइल बंद कर लिया। हालांकि उसने बारादरी इंस्पेक्टर व अन्य अधिकारियों को जो सफाई दी है, उसके मुताबिक हनीट्रैप की तरह उसे फंसाकर वसूली की कोशिश की जा रही थी। वह झांसे में नहीं आया तो शिकायत कर दी गई। उसने यह भी सफाई दी कि महिला नवाबगंज थाने के दीवान समेत कुछ अन्य लोगों पर भी आरोप लगा चुकी है, बाद में उसने समझौता कर लिया। बारादरी इंस्पेक्टर अभिषेक सिंह ने इस बारे में संबंधित दीवान से बात की, पर उन्होंने कुछ कहने से इन्कार कर दिया।



