Bareilly News: कुत्तों के खौफ से घर में कैद रहते हैं नौनिहाल
सीबीगंज। क्षेत्र के मथुरापुर नई बस्ती, बंडिया, खना गौटिया में दो साल से कुत्तों का आतंक है। आदमखोर जंगली कुत्ते अब तक चार बच्चों की जान ले चुके हैं। इनके डर से लोग बच्चों को घरों से नहीं निकलने देते। दिन में ये कुत्ते आबादी से दूर रहते हैं, लेकिन शाम होते ही ये शिकार की तलाश में निकल पड़ते हैं। मौका मिलते ही ये बच्चों को निशाना बनाते हैं। समस्या बढ़ रही है और जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों में रोष पनप रहा है।
बढ़ रहा आवारा कुत्तों का आतंक
पहले कुत्ते खूंखार और आदमखोर नहीं थे। पता नहीं कहां से लाकर इन कुत्तों को इलाके में छोड़ दिया गया है। आदमखोर कुत्तों की संख्या और आतंक लगातार बढ़ रहा है। इलाके के लोग खौफजदा हैं। – सुब्हान शाह
बच्चों को घरों में कैद रखना होता है। शाम के वक्त कुत्तों के डर से बड़े भी घरों से नहीं निकलते। आदमखोर कुत्तों के कारण बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर लगता है। बच्चों की जान को खतरा बना रहता है। – वाहिद खां
दो साल से खना गौटिया समेत आस-पास के गांवों में जंगली कुत्तों का आतंक है। चुनाव के समय नेता वोट मांगने आते हैं, लेकिन बाद में स्थानीय लोगों को उनके हाल पर ही छोड़ देते हैं। – अकबरी बेगम
आदमखोर कुत्ते जंगल में मृत पशुओं का मांस खाते हैं। मांस और मीट की दुकानों से पशुओं के अवशेष भी यहां फेंक दिए जाते हैं। इस कारण कुत्ते आदमखोर हो गए हैं। वह बच्चों की जान के दुश्मन बन गए हैं। – जफर रजा


