Bareilly News: बिजली सुधार के कार्य अधूरे, शहर में मरम्मत के नाम पर जारी रहेगी कटौती
बरेली। शहर में मरम्मत के नाम पर बिजली कटौती का सिलसिला अभी जारी रहेगा। त्योहारों पर इसे रोका गया था, लेकिन अब फिर इसकी शुरुआत होगी। क्योंकि बिजली आपूर्ति का सिस्टम ठीक करने के लिए कुल 60 करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे विभिन्न तीन योजनाओं के 317 कार्यों की रफ्तार धीमी है। इसके तहत विभिन्न इलाकों में जर्जर तार बदलने और ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि का काम भी किया जाना है। अगस्त में इन कामों की शुरुआत हुई थी और दिसंबर तक काम पूरे होने थे, लेकिन ढाई महीने से अधिक समय बीतने पर भी मात्र 20 फीसदी काम हो सके हैं।
बाकी 80 फीसदी काम कब तक पूरे हो सकेंगे? इसका स्पष्ट जवाब अफसरों के पास भी नहीं। फिलहाल दिसंबर की बजाय जनवरी तक काम जरूर निपटाने की बात कही जा रही है। स्थिति यह है कि अभी तक सभी कार्यों के लिए टेंडर ही मंजूर नहीं हुए। तीनों योजनाओं में प्रस्तावित कार्यों के लिए एस्टीमेट बने और टेंडर हुए पर कई कार्यों के लिए कोई फर्म आगे नही आई।
– पहली योजना में शहर के चार विद्युत वितरण खंडों की आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 6.5 करोड़ रुपये व्यय की मंजूरी मिली है। इसके तहत अभियंताओं के सर्वे के बाद 96 कार्य कराने की स्वीकृति दी गई है, लेकिन अधिकतर काम पूरे नहीं हुए हैं।
– दूसरी योजना नगरीय क्षेत्र के विस्तार में शामिल नए क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने की है। इसमें 42 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। नगर निगम के विस्तारित क्षेत्र के लिए 144 कार्य प्रस्तावित हैं, लेकिन इसमें आधे से अधिक काम अधूरे हैं।
– तीसरी योजना अतिरिक्त बिजनेस प्लान की है। इसमें 11.5 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न 77 कार्य मंजूर किए गए हैं। इसमें भी आधे काम अधूरे हैं।
अधीक्षण अभियंता विकास सिंघल का कहना है कि त्योहार पर अनुरक्षण कार्य बंद कर दिया गया था। मजदूर भी त्योहार मनाने घर चले गए। कुछ कार्यों के लिए टेंडर नहीं बिके। उनके लिए फिर से टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। इसलिए काम की रफ्तार प्रभावित रही है। अब रफ्तार बढ़ेगी। अब तक 20 फीसदी काम हुए हैं। दिसंबर व जनवरी में 40-40 फीसदी काम कराए जाएंगे।
बरेली। शहर में बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के काम में हो रही देरी का संज्ञान मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय ने भी लिया है। शुक्रवार को लखनऊ से आए निदेशक तकनीक अजय कुमार श्रीवास्तव ने अधिकारियों संग कार्यों की समीक्षा की।
मुख्य अभियंता कार्यालय में निदेशक ने अधिशासी और अधीक्षण अभियंताओं के साथ बैठक करके तीनों योजनाओं की प्रगति का ब्योरा पूछा। उन्होंने कहा कि कोई भी नया कार्य समय पर पूरा कराने के लिए विद्युत विभाग की सभी शाखाओं के अभियंताओं के बीच आपसी समन्वय बना रहना चाहिए, ताकि देरी न हो। आपस में तालमेल बनाकर काम को रफ्तार दें। बैठक में पता लगा कि जिन कार्यों के लिए फर्म चयनित हुईं हैं, वे भी शुरू नहीं हो सके। क्योंकि स्टोर से समय पर सामग्री का आवंटन नहीं हो सका है। निदेशक ने स्टोर से सामग्री का आवंटन कराया। यह भी कहा कि स्टोर और वितरण खंडों के बीच आवश्यक तालमेल रहे। देरी होती है तो जवाबदेही तय की जाएगी।
सुभाषनगर, किला, कुतुबखाना, कोहाड़ापीर, मठ चौकी, शास्त्री मार्केट, आवास विकास, कांकर टोला, शाहदाना, माधौबाड़ी, राजेंद्र नगर, डीपीपुरम, जनकपुरी, दुर्गानगर, संजय नगर, डेलापीर, पुराना शहर, अशोक नगर, वीरसावरकरनगर, जगतपुर, सनसिटी, रामगंगा नगर फीडर में विद्युत व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए काम होंगे। आने वाले दिनों में काम के दौरान शटडाउन भी लिए जाएंगे।



