Bareilly News: चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए बनवाया फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र, जांच में खुली पोल
बरेली। चुनाव कार्यों से ड्यूटी कटवाने में शिक्षक तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। किसी का बच्चा छोटा है, तो कोई बीमार है। यहां तक की कई शिक्षकों ने बीमारी के फर्जी प्रमाणपत्र भी तैयार कराए हैं। कई कर्मचारियों ने जब बीमारी का फर्जी प्रमाणपत्र दिखाकर छुट्टी की बात की तो प्रभारी अधिकारी की ओर से टीम से जांच कराने के लिए कहा गया। जांच टीम के निरीक्षण में सेहत का हाल सही निकला तो छुट्टी स्वीकार नहीं की गई।
एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात पुरुष शिक्षक ने ड्यूटी कटवाने के लिए बच्चे की आयु तीन माह होने की बात कही। उनका कहना था, कि बच्चा छोटा होने की वजह से ड्यूटी करने में असमर्थ हैं। टीम ने परिवार के सदस्यों के बारे में पूछताछ की और पत्नी के घर पर रहकर बच्चे का ख्याल रखने की बात पर ड्यूटी हटवाने की बात अस्वीकार कर दी। कई शिक्षकों ने दूरी का कारण बताकर भी ड्यूटी कटवाने की बात कही है।
दूसरे दिन भी नहीं आए 59 कर्मचारी
जीआईसी में निर्वाचन में ड्यूटी के लिए प्रशिक्षण के दूसरे दिन भी 59 कर्मचारियों ने प्रशिक्षण में हिस्सा नहीं लिया। पहली पाली में पीठासीन अधिकारी के प्रशिक्षण के दौरान 520 कार्मिकों को शामिल होना था, इनमें से 491 ने ही हिस्सा लिया। दूसरी पाली में मतदान अधिकारी प्रथम का प्रशिक्षण हुआ, इसमें 490 कर्मचारी शामिल हुए।
तकनीकी कमियां भी आ रहीं सामने
शिक्षकों का आरोप है कि निर्वाचन कार्य में ड्यूटी लगाने में तकनीकी तौर पर कुछ लापरवाही भी बरती गईं हैं। कई शिक्षकों की ड्यूटी दो जगह लगा दी गई है। कई शिक्षकों ने इस बात पर आपत्ति जताई है कि पहले उन्हें पीठासीन अधिकारी बनाया गया था। इस बार दायित्व बदल कर पी फोर कर्मचारी तैनात किया गया है।



