Bareilly News: राजश्री हॉस्पिटल के संचालक समेत तीन झोलाछापों पर एफआईआर
बदायूं। शहर में स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राजश्री हॉस्पिटल के संचालक समेत तीन झोलाछापों पर एफआईआर दर्ज कराई है। राजश्री हॉस्पिटल में बीते दिनों ऑपरेशन से प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत हो गई थी।
इस मामले में प्रसूता के परिजनों ने राजश्री हॉस्पिटल के संचालक समेत तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई थी। अब डिप्टी सीएमओ डॉ. निरंजन सिंह ने सिविल लाइंस थाने में राजश्री हॉस्पिटल के संचालक गौरव पटेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसके अलावा झोलाछाप नियंत्रण सेल के नोडल अफसर ने सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के खेड़ा बुजुर्ग में दुकान चला रहे झोलाछाप मोहम्मद उमर और अलापुर रोड पर बिना रजिस्ट्रेशन लैब चला रहे मन्नत पैथोलॉजी लैब संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है। इस संबंध मेंं एसएचओ गौरव विश्नोई का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी ने राजश्री हॉस्पिटल के संचालक समेत दो अन्य झोलाछापों पर एफआईआर दर्ज कराई है।
99999999
अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर कार्रवाई करने से बच रहे अफसर
कुछ समय पहले दातागंज और रुदायन में हुई थी छापामारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले में तमाम अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भी मरीजों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है लेकिन अधिकारी मौन साधे हैं। इन पर कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस देने और बाद में उगाही करने का सिलसिला ही चल रहा है। पूछे जाने पर केवल जांच करने की बात कहकर बात टाल दी जाती है।
जिले में चल रहे फर्जी तरीके से चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर न तो कोई रेडियोलॉजिस्ट है और न ही प्रशिक्षित स्टाफ। वहां मनमाने तरीके से मरीजों से पांच सौ से छह सौ रुपये वसूलकर जांच रिपोर्ट पकड़ा दी जाती है। मरीजों से लिए गए इन रुपयों में ही डॉक्टर का कमीशन तय होता है। बीते दिनों दातागंज कस्बे में झोलाछाप नियंत्रण सेल ने छापा मारा तो सिटी नर्सिंग होम में अल्ट्रासाउंड की प्रतिबंधित मशीन जब्त की गई थी। मगर, यहां मशीन जब्त करने के बाद नर्सिंग होम संचालक पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कस्बा रुदायन में अप्रशिक्षित स्टाफ अल्ट्रासाउंड करते हुए पकड़ा गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से उन लोगों को पकड़ने के बाद सेंटर को सील कर दिया। नोटिस जारी किया गया। कार्रवाई का दावा भी किया गया, लेकिन संचालक पर सिर्फ एफआईआर दर्ज कराने की औपचारिकता निभाकर छोड़ दिया गया।
इसी तरह दातागंज में दिल्ली अल्ट्रासाउंड सेंटर पर बिना डॉक्टर के अल्ट्रासाउंड मशीन चलती मिली तो सेंटर को सील किया गया था। नोडल अफसर डॉ. तहसीन ने संबंधित सेंटर को सील करते हुए संचालक को नोटिस दिया था। यहां बरेली के रहने वाले एक डॉक्टर जो वहां ईको करते हैं, वही यहां आकर अल्ट्रासाउंड कर देते हैं। विभाग ने इस सेंटर के संचालक पर कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि फिर से मौखिक रूप से सेंटर चलाने की अनुमति दे दी।



