Bareilly News: राज्य मानवाधिकार आयोग के समक्ष पेश हुए चार अधिकारी
बरेली। राज्य मानवाधिकार आयोग ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन में भोजीपुरा विकास खंड की ब्लाॅक मिशन मैनेजर रहीं कविता गंगवार की सेवाएं समाप्त करने और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में अफसरों से सवाल किए। अधिकारियों ने सोमवार को लखनऊ स्थित आयोग के मुख्यालय पर अपना पक्ष रखा और कार्रवाई को सही ठहराया।
कविता गंगवार ने अधिकारियों की जांच रिपोर्ट और सेवाएं समाप्ति के निर्णय पर सवाल उठाते हुए आयोग में शिकायत की थी। पूछा था कि जब उन्होंने एक भी रुपया निकाला नहीं, तो गबन कैसे हो गया। त्रुटिवश गलत खातों में रुपये ट्रांसफर हो गए थे, जो वापस आ गए। इस पर आयोग ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन के उपायुक्त बलवंत सिंह, मनरेगा के उपायुक्त रहे स्थानांतरित अधिकारी गंगाराम, लेखाधिकारी रामआसरे और मत्स्य विभाग की सहायक निदेशक विभा लोहनी से सवाल किए।
आयोग जानना चाहता था कि गबन कहां, कैसे हुआ और किसने किया। अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट को ही दोहराया। कहा, ब्लाॅक मिशन मैनेजर की जिम्मेदारी थी कि जिन खातों में रुपये जाने थे, उनमें नहीं गए। इसीलिए 24 जुलाई को एफआईआर दर्ज कराई गई और 29 अगस्त को सेवाएं समाप्त की गई हैं। अब तक की कार्रवाई के प्रपत्र प्रस्तुत किए। चारों अधिकारियों ने अपने बयान दर्ज कराए।



