Bareilly News: पीली पट्टी से अनजान मुसाफिरों की मुश्किल में जान
बरेली। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर बनी पीली पट्टी (स्टॉप लाइन) से अनजान यात्रियों की जान मुश्किल में पड़ रही है। ट्रेन के ठहराव से पहले ही यात्री उसमें चढ़ने की आपाधापी के बीच पीली पट्टी को पार कर देते हैं। हादसों के बढ़ने का यह प्रमुख कारण है। अधिकतर यात्रियों को पीली पट्टी के बारे में जानकारी नहीं होती।
बरेली जंक्शन पर रोजाना करीब 30 हजार यात्रियों का आगमन होता है। अप-डाउन में रोजाना औसतन यहां से 85-90 ट्रेनें गुजरती हैं। त्योहार के सीजन में मुसाफिरों की संख्या और भी बढ़ जाती है। प्लेटफार्म पर यात्रियों के गिरने या ट्रेन की चपेट में आने जैसे हादसे होते रहते हैं। ऐसे हादसे प्लेटफार्म पर बनी पीली पट्टी की अनदेखी के कारण ही होते हैं।
दरअसल, ट्रेन जब प्लेटफार्म पर आती है तो हवा के दबाव के बीच नजदीक की चीजों को अपनी ओर खींचने लगती है। इस दौरान जो यात्री पीली पट्टी को पार कर ट्रेन में जल्दी चढ़ने की कोशिश में होते हैं, अक्सर वह दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। कई बार तो उन्हें जान गंवानी पड़ती है।
हर महीने औसतन पांच हादसे
जंक्शन के प्लेटफार्मों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाई गई पीली पट्टी की अनदेखी की वजह से हर महीने औसतन पांच हादसे हो रहे हैं।
जीआरपी-आरपीएफ रोजाना औसतन बचा रही पांच लोगों की जान
इंस्पेक्टर जीआरपी अजीत प्रताप सिंह के मुताबिक जंक्शन के प्लेटफार्म पर ट्रेन आने के दौरान जीआरपी और आरपीएफ के जवान सक्रिय हो जाते हैं। यात्रियों को पीली पट्टी क्रॉस न करने की हिदायत दी जाती है। पट्टी पार करके ट्रेन के करीब पहुंचने वाले ऐसे चार-पांच लोगों की रोजाना जान बचाई जाती है। यात्रियों को जागरूक करने के लिए उद्घोषणा भी की जाती है। फिर भी यात्री खुद की सुरक्षा को लेकर संजीदा नहीं होते।
वर्जन-
प्लेटफार्म पर पीली पट्टी यात्रियों की सुरक्षा के लिए होती है, ताकि वह ट्रेन के प्लेटफार्म पर ठहरने से पहले न चढ़ें। अक्सर यात्री ट्रेन के ठहरने से पहले पीली पट़्टी पार कर चढ़ने की कोशिश में हादसे की चपेट में आ जाते हैं। हमारे जवान हादसों की रोकथाम के लिए लगातार सजगता बरतते हैं। -देवी दयाल, सीओ, जीआरपी



