Bareilly News: भ्रांतियों में जकड़े पुरुष… आधी आबादी पर पूरी जिम्मेदारी
बरेली। जनसंख्या नियंत्रित कर परिवार को खुशहाल बनाने की जिम्मेदारी से पुरुष भाग रहे हैं। परिवार नियोजन का जिम्मा सिर्फ आधी आबादी के कंधों पर ही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। वर्ष 2022-23 में मंडल के चारों जिलों में 10,890 महिलाओं के सापेक्ष महज 71 पुरुषों ने ही नसबंदी का विकल्प चुना। यह आंकड़ा पुरुषाें की मानसिकता और स्वास्थ्य विभाग की ओर से चल रहे जागरूकता अभियानों को आईना दिखा रहा है।
परिवार नियोजन में मंडल के बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत जिलों में पुरुषों की भागीदारी महिलाओं के सापेक्ष कई गुना कम है। मंडलीय परिवार नियोजन एवं लॉजिस्टिक प्रबंधक नीतीश के मुताबिक शारीरिक बनावट के हिसाब से पुरुष नसबंदी, महिला नसबंदी की अपेक्षा सरल और सुरक्षित है। लिहाजा, पुरुषों को परिवार पूरा होने पर परिवार नियोजन के स्थायी साधन को अपनाना चाहिए। नसबंदी से पुरुषाें में कोई कमी नहीं आती। भ्रांतियों को तोड़ने के लिए पुरुषों को आगे आने की जरूरत है।
साल दर साल बढ़ रहे नसबंदी के आंकड़े
वर्ष 2022-23 में 10,890 महिलाओं और 71 पुरुषों ने नसबंदी कराई। क्रमवार वर्ष 2021-22 में 9,775 महिलाओं, 61 पुरुषों, वर्ष 2020-21 में 9,178 महिलाओं, 21 पुरुषाें की नसबंदी हुई थी। सरकार की ओर से पुरुष नसबंदी के लिए तीन हजार और महिला नसबंदी के लिए दो हजार रुपये मिलते हैं।
मर्दानगी पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता
पुरुष नसबंदी से मर्दानगी प्रभावित नहीं होती। बगैर चीरा और टांके के नसबंदी होती है, फिर पुरुष घर जा सकते हैं और दो-तीन दिन बाद सामान्य तरीके से कार्य कर सकते हैं। सात दिन बाद साइकिल चला सकते हैं।
महिलाओं के लिए सुझाव
महिलाएं जिन्हें बच्चे नहीं चाहिए, वे मिनीलैप, दूरबीन विधि से नसबंदी करा सकती हैं। माहवारी शुरू होने या प्रसव के सात दिन के अंदर नसंबदी की जा सकती है। सिजेरियन डिलीवरी या गर्भपात के समय भी नसबंदी कराई जा सकती है। नसबंदी के दो दिन बाद दैनिक कार्य किए जा सकते हैं।
जिलेवार नसबंदी आंकड़ा
जिला
वर्ष 2022-23 वर्ष 2021-22 वर्ष 2020-21
महिला पुरुष महिला पुरुष महिला पुरुष
बरेली 3,570
14 2,936 14 2,435 05
शाहजहांपुर 3,302
28 3,001 29 3,047 07
बदायूं
2,340
17 2,318 05 1,975 03
पीलीभीत 1,678
12 1,520 13 1,721 06



