Bareilly News: ऐतिहासिक रामलीला का तीन स्थानों पर होता है मंचन
बरेली। शहर की 456 वर्ष पुरानी चौधरी मोहल्ला की रामलीला का मंचन तीन स्थानों पर किया जाता है। इसमें चौधरी तालाब के पास वाले मैदान में अयोध्या की लीला, बड़ा बाग में लंका और रानी साहब के फाटक पर भरत मिलाप व राज्याभिषेक का मंचन किया जाता है। इस ऐतिहासिक रामलीला की शुरुआत लखना स्टेट के राजा जसवंत राव ने कराई थी। उनकी बेटी के नाम पर ही समिति का नाम रानी महालक्ष्मीबाई रामलीला समिति रखा गया है।
रानी साहब के फाटक से निकली है शोभायात्रा
प्रचलित कथाओं के अनुसार लक्ष्मीबाई के पति वसंत राव शुक्ला को राजा जसवंत राव ने क्षेत्र का चौधरी बनाया था। उसके बाद चौधरी वसंत राव के नाम से लोग उन्हें जानने लगे। उनके समय में ही चौधरी तालाब बनाया गया था। उन्होंने रामलीला के क्रम को आगे बढ़ाया। वर्तमान में समिति के अध्यक्ष रामगोपाल मिश्रा है। वह बताते हैं कि चौधरी तालाब मैदान में पूजन, सती मोह, दक्ष यज्ञ, नारद अभिमान से लेकर दशरथ-कैकेयी संवाद, गंगा नदी पार की लीला का मंचन किया जाता है। इसके बाद बड़ा बाग में भारद्वाज मुनि संवाद, राम-भरत मिलन से लेकर मेघनाद वध, राम-रावण युद्ध का मंचन किया जाता है। आगे की लीलाओं का मंचन रानी साहब के फाटक पर किया जाता है। यहां से श्रीराम शोभायात्रा, श्री राम-भरत मिलाप और राजतिलक की लीलाओं के मंचन के बाद कार्यक्रम विश्राम लेता है।
श्रीराम से मिले हनुमान
शुक्रवार को बड़ा बाग मैदान में चल रही रामलीला के 12वें दिन श्रीराम-हनुमान मिलन, सुग्रीव से मित्रता व सीता की खोज लीलाओं का मंचन किया गया। इसमें श्रीराम जब शबरी के आश्रम में गए तो उन्होंने सीता हरण की बात बताई। तब शबरी ने श्रीराम से कहा कि वह पंपापुर जाएं। वहां सुग्रीव उनकी सहायता करेंगे। राम सुग्रीव से मिलने के लिए निकलते हैं। पर्वत के नजदीक पहुंचकर हनुमानजी ब्राह्मण केे वेष में राम से मिलते हैं। राम उनको सीता हरण के बारे में बताते हैं। इस पर हनुमान असली रूप में आकर श्रीराम को दंडवत प्रणाम करते हैं। हनुमान, राम को सुग्रीव से मिलाते हैं। राम जी सुग्रीव-बालि की शत्रुता के बारे में जानते हैं। अंत में राम बालि का वध करके सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाते हैं। इस प्रकार सभी वानर सीता की खोज में निकल जाते हैं। मंचन के दौरान सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। समिति से हरीश चंद्र शुक्ला, धीरेंद्र शुक्ला, प्रभु नारायन तिवारी, बृजेश प्रताप, शिव नारायन दीक्षित मौजूद रहे।



