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Bareilly News: लंपी और एफएमडी वैक्सीन ईजाद करने पर आईवीआरआई सम्मानित

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बरेली। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 95वें स्थापना दिवस पर भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बरेली, राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान संस्थान हिसार और एनआईएफएमडी भुवनेश्वर को अलग-अलग खोज के लिए सम्मानित किया गया।

पशुओं में लंपी रोग का टीका विकसित करने के लिए आईवीआरआई और राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान संस्थान को संयुक्त पुरस्कार से नवाजा गया। आईवीआरआई और एनआईएफएमडी भुवनेश्वर को थेरमो टोलेरेंट ‘ओ-एफएमडी वैक्सीन विकसित करने के लिए भी संयुक्त पुरस्कार मिला। नई दिल्ली में केंद्रीय राज्य मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उपाध्यक्ष पुरुषोतम रूपाला की मौजूदगी में सम्मान से नवाजा गया। आईवीआरआई के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि संस्थान आगे भी ऐसी दवाएं विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

दो तकनीकी का व्यावसायिक हस्तांतरण

आईवीआरआई पशु पोषण विभाग के डॉ. नारायण दत्ता की ओर से तैयार नॉवल आहार संपूरक को मेसर्स ऐमिल फार्मास्यूटिकल्स (इंडिया) लिमिटेड नई दिल्ली को हस्तांतरित किया गया। इससे गोवंश की भूख बढ़ती है। उनकी पुनरुत्पादन और दूध उत्पादन क्षमता बढ़ती है। पशु पुनरुत्पादन विभाग के डॉ. बृजेश की ओर से तैयार ओवरियन सिस्ट एबलेशन डिवाइस को मेसर्स क्रिएटिव डिस्प्लेयर्स कोलकाता को हस्तांतरित किया गया। यह गायों में ओवरी की गांठ को अलग करती है।

तीन तकनीकों का किया गया प्रमाणीकरण

आईवीआरआई के वैज्ञानिक डॉ. संचय विश्वास की ब्लूटंग के लिए मोनोक्लोनल एंटीबॉडी आधारित ब्लॉकिंग एलिसा किट, डॉ. विकास चन्द्र की घाव भरने के लिए मेसेनकाइमल स्टेम सेल कंडिशंड मीडिया आधारित फॉर्मूलेशन तकनीक और डॉ. राजीव रंजन की हार्वेस्टिंग ऑफ चिकन स्किन फैट फ्राॅम पोल्ट्री स्लीव्स का प्रमाणीकरण किया गया। आईवीआरआई की संयुक्त निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. रूपसी तिवारी की अध्यक्षता में डॉ. अनुज चौहान, डॉ. विक्रमादित्य उपमन्यु ने सभी संस्थानों की वैक्सीन और नैदानिक तकनीक का प्रदर्शन किया।


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