Bareilly News: कमुआकला के प्रधान ने ग्राम पंचायत के खजाने में जुटाए 50 लाख रुपये
बरेली। तमाम ग्राम पंचायतें विकास कार्यों के लिए शासन के अनुदान पर निर्भर हैं लेकिन कमुआकला के प्रधान बालकराम ने अपने प्रयासों से ग्राम पंचायत का खजाना भर दिया। प्रधान ने दो वर्ष में 50 लाख रुपये का राजस्व जुटाया है। अब वह इस आमदनी से ग्राम पंचायत में कोई ऐसा काम करना चाहते हैं जिससे नियमित तौर पर आमदनी होती रहे और यह रकम बढ़ती रहे। जरूरत पर उसे विकास कार्यों में खर्च किया जा सके। प्रधान के प्रयासों से ग्राम पंचायत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है।
बालकराम इस प्रयास के पीछे अपने पिता बाबूराम की प्रेरणा बताते हैं। उनका कहना है कि पिता 45 वर्ष तक गांव के प्रधान रहे। पिता ने अपने कार्यकाल में चार नलकूप लगवाए। प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल के लिए भवन बनवाए। उनसे पूछा कि इतने सब काम कैसे हो गए तो उन्होंने बताया कि लोगों से रुपये लिए और उसे ग्राम पंचायत के खाते में जमा कराया। राजस्व जुटा तो विकास कार्य कराए। इसी तरीके को उन्होंने अपनाया। एक होटल के लिए गांव में 2.5 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी गई थी। मैंने होटल के मालिक से मिलकर कहा कि मेरी ग्राम पंचायत में होटल बन रहा है तो ग्राम पंचायत को एक प्रतिशत की दर से विकास शुल्क दिया जाए। होटल मालिक ने 2.50 लाख के स्थान पर 2.51 लाख रुपये दिए। यहीं से हौसला बना। बीसलपुर रोड पर शहर की सीमा से गांव लगा हुआ है। इसीलिए नई कॉलोनियां विकसित होने लगीं। जो बड़े बैनामे हुए, उनके खरीदारों से एक प्रतिशत लिया गया। इस तरह से राजस्व जुटने लगा।
मैं चाहता हूं कि शासन आत्मनिर्भरता के लिए आगे बढ़ने वाली ग्राम पंचायतों का हौसला बढ़ाए। विकास कार्यों के लिए अतिक्ति मदद दे। 50 लाख रुपये से क्या ऐसा काम किया जा सकता है जिससे ग्राम पंचायत के लिए नियमित आमदनी का स्रोत बने। उस पर मंथन कर रहे हैं।
-बालकराम, ग्राम प्रधान
ग्राम पंचायत एक्ट की धारा-37 में कर लगाकर राजस्व जुटाने का अधिकार ग्राम पंचायत को दिया गया है। कमुआ के प्रधान ने इसी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए राजस्व जुटाया है। डोहरा, बल्लिया, उम्मेदरपुरभुता ने भी आदमनी की है, लेकिन इतनी आमदनी किसी ग्राम पंचायत की नहीं हुई। -धर्मेंद्र कुमार, डीपीआरओ



