Bareilly News: 19 गांवों में जमीन अधिग्रहण का पेच फंसा, 32 किलोमीटर लंबे रिंग रोड का निर्माण अटका

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला
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बरेली में प्रस्तावित रिंग रोड का निर्माण जमीन अधिग्रहण की धीमी रफ्तार में अटक गया है। कुल 22 गांवों की जमीन ली जानी है, लेकिन ढाई वर्ष में सिर्फ तीन गांवों की जमीन के अधिग्रहण का ब्योरा तैयार हो पाया है। बाकी 19 में से एक गांव में चकबंदी प्रक्रिया की बाधा है। अन्य 18 गांवों में यही तय नहीं हो पाया है कि किस किसान को कितना मुआवजा दिया जाना है। ऐसे में 32 किलोमीटर लंबे रिंग रोड का निर्माण अधर में फंसा है।
यह स्थिति तब है जबकि एनएचएआई की भूमि अधिग्रहण कमेटी से परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की मंजूरी मिल चुकी है। एनएचएआई के पास बजट भी उपलब्ध है। राजस्व विभाग के सहयोग से विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी को किसानों का विवरण उपलब्ध कराना है। उन्हें अधिग्रहण के लिए 11 जून 2021 को प्रस्ताव भेजा गया था। अभी तक उन्होंने सिर्फ इटौवा सुखदेवपुर, रोहता एहतमाली व सहरिया गांवों की जमीन का विवरण भेजा है।
एनएचएआई के अधिकारी इन तीन गांवों के किसानों को लखनऊ मुख्यालय से हरी झंडी मिलते ही करीब एक महीने में मुआवजा वितरित किए जाने की बात कह रहे हैं। वहीं बाकी गांवों की प्रक्रिया विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी के यहां धीमी गति से चल रही है। अगर शेष गांवों का किसानवार विवरण भी एनएचएआई को मिल जाए तो संबंधित किसानों को मुआवजे का भुगतान भी जल्द हो। साथ ही अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो सके।



