Bareilly News: खेत में अकेली महिलाओं को बनाया जा रहा शिकार
शाही। खेत में अकेली जा रही महिलाओं की हत्या की सिलसिलेवार घटनाएं होने से इलाके में दहशत है। महिलाओं ने खेत पर जाना शुरू किया भी था पर वीरावती की हत्या से वे फिर सहम गई हैं। गांव व आसपास नकाबपोश बदमाशों की सक्रियता का भी शोर है।
ग्रामीणों ने बताया कि एक माह पहले गांव की बबली, बसंती व अन्य कई महिलाओं का खेत में जानवर चराते हुए नकाबपोश चार बदमाशों ने काफी दूर तक पीछा किया था। महिलाओं ने भागते हुए किसी तरह गांव पहुंचकर घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों ने खेतों में बदमाशों को तलाश किया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। 15 दिन पहले इसी ग्राम पंचायत के मजरा बसावनपुर की किशोरी को भी खेत पर दो नकाबपोश बदमाशों ने दबोच लिया था। हालांकि किशोरी हिम्मत दिखाते हुए उनके चंगुल छूटकर किसी तरह भागकर सेवा ज्वालापुर गांव पहुंची। घटना के बाबत ग्रामीणों को बताया। पुलिस को लिखित शिकायत देने के बावजूद मामला नजरअंदाज करते हुए इसे जमीन से जुड़ा विवाद बता दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि किशोरी के साथ भी इसी तरह अनहोनी हो सकती थी।
अब तक इनकी हो चुकी हत्या
इससे पहले क्षेत्र में चार अन्य महिलाओं की हत्या हो चुकी है। 19 जून को कुल्छा गांव की धानवती, 29 जून को आनंदपुर की प्रेमवती, 22 जुलाई को खजुरिया की कुसुमा देवी व 10 अगस्त को मजरा मुबारकपुर की शांति देवी की हत्या हो चुकी है। महिलाओं की उम्र 35 से 55 वर्ष के बीच की रही है।
चार बच्चों का बुरा हाल
वीरावती के चार बच्चे दुर्गेश 12 वर्ष, करनवीर 10 वर्ष, सुमन आठ वर्ष तथा यशपाल छह वर्ष का है। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।



