Bareilly News: मौत छूकर गुजर गई, लकी का एक कान हो गया सुन्न
बरेली। प्रेमनगर थाने के पास हुई हिस्ट्रीशीटर अजय की हत्या का चश्मदीद दोस्त लकी भी सहमा हुआ है। उसने बताया कि हमलावरों ने उसे भी निशाना बनाया था पर किस्मत से वह बच गया।
लकी ने बताया कि दोनों डीडीपुरम में एक दोस्त से मिलने जा रहे थे। बाइक अजय ही चला रहा था, वह पीछे बैठा था। थाने के पास से गुजरते वक्त उनकी बाइक के पीछे दूसरी बाइक आई। उसने देखा कि बाइक पर गंगापुर निवासी जगमोहन उर्फ तन्नू, लाले और विनय सवार थे। उन्होंने बाइक सटाकर अजय के कान के पास गोली मार दी। इससे अजय चीखते हुए गिरा तो बाइक भी असंतुलित हो गई। वह भी गिर पड़ा।
बताया कि आरोपियों की बाइक भी गिर पड़ी और उस पर से विनय नाले में गिर गया। वह तब समझ नहीं पाया कि अजय को गोली लग चुकी है। वह विनय को पकड़ने लगा तो हमलावर सीधे हो गए। आरोप लगाया कि तीनों के पास तमंचे थे। बाकी दोनों ने फिर तमंचे लोड करके फायर किए। उसे लगा कि अजय को दूसरा फायर भी लग गया। तब तक उसके होश उड़ चुके थे। उसने नीचे झुककर फायर बचाया और चिल्लाते हुआ प्रेमनगर थाने में भागा।
अजय ने बताया कि गनीमत रही जो तीन मिनट के अंदर ही पुलिस निकल आई। तब लाले और तन्नू फरार हो गए पर पुलिस ने विनय को पकड़ लिया। लकी ने बताया कि करीब पांच मिनट का वक्त ऐसा गुजरा जो उसे पूरी जिंदगी याद रहेगा। वह जिंदा है, ये बड़ी बात है। गोली उसके करीब से निकल गई और उसके दोस्त की जान चली गई। उसने बताया कि बायें कान से उसे अभी तक सही से सुनाई नहीं दे रहा है।
चेन स्नेचिंग व रंगदारी की रिपोर्ट कराई, जमानत के बाद फिर पीछे लगे
बरेली। लकी ने आरोप लगाया कि 22 मई की रात फर्जी घटना दिखाते हुए प्रेमनगर थाने में उसके और अजय के खिलाफ चेन स्नेचिंग व रंगदारी की रिपोर्ट कराई गई थी। वह दोनों माहभर पहले जमानत पर छूटे थे। तभी से आरोपी उनकी तलाश में थे।
लकी ने बताया कि जगमोहन उर्फ तन्नू ने क्रिस्टल बार में फर्जी तरीके से घटना दिखाई थी। प्रेमनगर पुलिस से उसकी दोस्ती थी, इसलिए तुरंत रिपोर्ट भी दर्ज हो गई। तन्नू ने दिखाया था वह लोग बार में बैठे थे तभी अजय और लकी के साथ ही उनका दोस्त अर्जुन वाल्मीकि मौके पर आए। उनसे शराब पीने के लिए दो हजार की रंगदारी मांगी। मना करने पर उसकी चेन खींच ले गए। इस मामले में दूसरे ही दिन पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया था। ब्यूरो



