Bareilly News: मिलिट्री इंटेलीजेंस की मेहनत बेकार, विक्की को पुलिस ने छोड़ा
बरेली। मिलिट्री इंटेलीजेंस ने जितनी मुस्तैदी से सेना के भगौड़े जवान विक्की मंडल को पकड़कर कैंट पुलिस को सौंपा था, पुलिस ने उतनी ही बेअंदाजी से उसे थाने से छोड़ दिया। इसके लिए मुकदमे की धाराओं के हल्की होने का तर्क दिया गया। इससे मिलिट्री इंटेलीजेंस की कवायद को झटका लगा है, वहीं, ठगी के शिकार हुए लोग थाने से निराश लौट गए।
उत्तराखंड के देवनगर शक्तिफार्म निवासी विक्की मंडल सेना का भगौड़ा फौजी है। उसने कुछ और रिटायर सैनिकों को साथ मिलाकर गिरोह बना रखा है जो सेना भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों से नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करता है। वह अब तक करीब तीन सौ युवाओं को ठग चुका है। शिकायतों पर मिलिट्री इंटेलीजेंस की बरेली इकाई ने उत्तराखंड के कुछ पीड़ितों को खोजा और उनसे शिकायत कराई। मिलिट्री इंटेलीजेंस के एक अधिकारी महीनेभर पहले एसएसपी से मिले तो कैंट थाने में विक्की व उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो सकी।
कैंट पुलिस ने विक्की मंडल की गिरफ्तारी में कोई रुचि नहीं ली। मंगलवार को कैंट के जाट रेजिमेंट के पास पार्क में घूम रहे विक्की मंडल को मिलिट्री इंटेलीजेंस की टीम ने पकड़ लिया और कैंट पलिस के हवाले कर दिया। पता लगा कि वह जेआरसी से कुछ रिकॉर्ड निकलवाने पहुंचा था। टीम के सदस्य लौट गए। रात में ही सूचना मिली तो पीड़ित थाने आ गए। सूत्र बताते हैं कि विक्की ने अपने साथियों से संपर्क कर रिपोर्ट कराने वाले पीड़ितों की रकम वापस करा दी। इसके बाद वह थाने से चले गए। रात में ही विक्की को छोड़ दिया गया। पुलिस ने तर्क दिया कि मुकदमे में धाराएं हल्की थीं, इसलिए नोटिस तामील कराकर विक्की को छोड़ दिया गया।
फतेहगढ़ जेआरसी का भगोड़ा है विक्की मंडल
विक्की मंडल ने जून 2016 में 144 टीए टेरिटोरियल आर्मी जाट रेजिमेंट फतेहगढ़ में नौकरी ज्वाइन की थी। उसने अग्निवीर भर्ती के नाम पर 2022 में पहली बार करीब दो सौ से ज्यादा अभ्यर्थियों से ठगी की थी। इस मामले में जब वह फंसा तो उसने 31 दिसंबर 2022 को सेना की नौकरी छोड़ दी। इसके बाद उसने सेना की विभिन्न नौकरियों के नाम पर करीब सौ और लोगों से ठगी कर ली। कुछ अभ्यर्थी अपनी मेहनत के दम पर सेना में चुने जाते रहे तो विक्की उसका श्रेय लेता रहा।
वर्जन
सेना के भगोड़े फौजी को पकड़ने की जानकारी मिली थी। उसे छोड़ने के बारे में अपडेट नहीं है। उसे किन परिस्थिति में छोड़ा गया, इसका पता किया जाएगा। – राहुल भाटी, एसपी सिटी



