बरेली

Bareilly News: मोबाइल की लत और गुस्से ने छात्र को बनाया अपराधी

Connect News 24

बरेली। एंड्रायड मोबाइल की लत और मामूली बात पर गुस्सा होने की आदत ने बीफार्मा के छात्र श्रेष्ठ सैनी को अपराधी बना दिया। कॉलेज चेयरमैन की पत्नी रामपुर गार्डन निवासी अर्चना अग्रवाल की ओर से छात्र के खिलाफ फरीदपुर थाने में रिपोर्ट कराई गई है।

लोट्स इंस्टीट्यूट प्रबंधन ने नियम बना रखा है कि छात्र-छात्राएं कॉलेज में एंड्रायड मोबाइल नहीं लाएंगे। विद्यार्थी केवल कीपैड वाला सादा मोबाइल परिसर में ला सकते हैं। एंड्रायड मोबाइल लाने पर 500 रुपये जुर्माना वसूलने का प्रावधान है। श्रेष्ठ सैनी एंड्रायड मोबाइल रखता और सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहता था। वह इंस्टीट्यूट में भी मोबाइल ले जाता था। फैकल्टी मैनेजर डॉ. प्रेम ने बताया कि बृहस्पतिवार को प्रवक्ता आलोक कुमार क्लास में पढ़ा रहे थे। इस दौरान श्रेष्ठ मोबाइल चला रहा था। आलोक ने उसका मोबाइल लेकर प्रवक्ता उजमा के पास जमा कर दिया था।

छात्र श्रेष्ठ ने 500 रुपये जुर्माना देकर मोबाइल तो ले लिया, लेकिन आलोक कुमार से अभद्रता करने लगा। डॉ. प्रेम ने उसे समझाया पर वह नहीं माना। इसके बाद उसे उसी दिन इंस्टीट्यूट से निलंबित कर दिया गया था। उसकी कॉलेज में एंट्री भी बैन कर दी गई थी।

बुधवार सुबह नौ बजे श्रेष्ठ सैनी कॉलेज पहुंचा। गेट पर गार्ड विनय मिश्रा ने रोक दिया। बाद में वह पीछे के हिस्से से इंस्टीट्यूट की बाउंड्रीवॉल फांदकर अंदर घुस गया और कॉलेज चेयरमैन अभिषेक अग्रवाल के ऑफिस में जा पहुंचा। माना जा रहा है कि वहां चेयरमैन से कहासुनी के बाद दोपहर पौन बजे उसने चेयरमैन पर गोली चला दी। चेयरमैन ने बताया कि वह समझ भी नहीं पाए, इस बीच श्रेष्ठ ने फायर कर दिया।

पहले भी कॉलेज में की थी तोड़फोड़

फरीदपुर। लोट्स इंस्टीट्यूट में पहले भी प्रबंधन और छात्रों के बीच किसी बात पर ठन गई थी और छात्रों ने छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं को बुलाकर वहां तोड़फोड़ की थी। छात्रों ने जमकर हंगामा काटा था और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की थी। पुलिस के मुताबिक वहां आए दिन किसी न किसी बात पर छात्रों व प्रबंधन के बीच विवाद होता ही रहता है।

घटना की जांच करने पहुंची फोरेंसिक टीम

बरेली से पहुंची फोरेंसिक टीम ने चेयरमैन के ऑफिस में बारीकी से जांच कर कई अहम साक्ष्य जुटाए। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के घर बरेली के जाटवपुरा में दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। बताया जा रहा है कि पुलिस ने उसके परिजनों को हिरासत में लिया है।

पढ़ाई के साथ नौकरी भी करता है आरोपी

बीफार्मा तीसरे साल के छठवें सेमेस्टर की पढ़ाई के साथ आरोपी श्रेष्ठ सैनी प्राइवेट नौकरी भी करता है। जब उसका मोबाइल पकड़ा गया था तो उसने गार्ड व प्रवक्ता को यही सफाई दी थी। बताया था कि वह पढ़ाई के साथ अपने परिवार का खर्च चलाने के लिए प्राइवेट नौकरी करता है। वह जहां नौकरी करता है, वहां के कर्मचारियों की कॉल उसके पास आती है। इसलिए वह मोबाइल ले आया था।


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button