Bareilly News: विवि पहुंची नैक की टीम, तीन दिन तक तैयार होगी रिपोर्ट
बरेली। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की पांच सदस्यीय टीम निरीक्षण के लिए शनिवार की देर रात रुहेलखंड विश्वविद्यालय पहुंची। 29 से 31 मई तक विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद रहकर सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (एसएसआर) के दावों को परखेगी। इसी आधार पर मूल्यांकन होगा।
नैक मूल्यांकन के लिए रुहेलखंड विश्वविद्यालय पिछले करीब साल भर से तैयारियों में जुटा था। इसके लिए विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. केपी सिंह की अध्यक्षता में नैक समन्वयक और संबंधित अधिकारियों की क्रमवार बैठकें भी जारी रहीं। अब नैक मूल्यांकन का दौर शुरू होने जा रहा है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को दिनभर टीम के सदस्यों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। मीडिया सेल प्रभारी डॉ. अमित सिंह के मुताबिक सोमवार से बुधवार तक निरीक्षण होगा। एसएसआर रिपोर्ट को भी टीम परखेगी। विश्वविद्यालय अधिकारियों के साथ बैठक होगी। इसमें नौ संघटक कॉलेज, 27 राजकीय कॉलेज, 29 अनुदानित कॉलेज, 522 स्ववित्तपोषित कॉलेजों की स्थिति भी आंकी जाएगी।
माहभर से विश्वविद्यालय में नैक मूल्यांकन की तैयारी चल रही थी। 15 मई को राज्यपाल कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने भी विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं काे सराहा था। नैक के दौरान दिखाई गई चमक आगे भी बरकरार रखने का सुझाव दिया था। कहा था कि मूल्यांकन में बेहतर ग्रेड के लिए पुरजोर तैयारियां होती हैं। ग्रेड मिलने पर स्थिति बदहाल होने लगती है।
ट्रेनिंग एंड प्लेंसमेंट सेल, टीबी न्यूट्रिशनल मॉनीटरिंग सेल, ऑनलाइन रिसर्च मैनेजमेंट सिस्टम, पंडित दीनानाथ मिश्र इंटर कॉलेज का कायाकल्प, दिशा इंटर कॉलेज का संचालन, स्पोटर्स कॉम्पलेक्स, फिजियोथेरेपी सेंटर, जिम, बहुभाषा अध्ययन केंद्र, जल और पर्यावरण संरक्षण, डायरेक्टोरेट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस, रोहिलखंड इंक्यूबेशन फाउंडेशन, स्वास्थ्य केंद्र संचालन, पांचाल संग्रहालय डिजिटिलीकरण आदि।
विश्वविद्यालय का इंफ्रास्ट्रक्चर, टीचिंग-नॉन टीचिंग स्टाफ की तैनाती, लैब-लाइब्रेरी की उपयोगिता, विद्यार्थी क्षमता, वेस्ट मैनेजमेंट, मैनेजमेंट सिस्टम, एडमिशन, रिजल्ट और प्रवेश प्रक्रिया, रिसर्च प्रोजेक्ट, साइटेशंस, पीएचडी अवॉर्ड, यूजीसी ग्रांट, सिलेबस, प्लेसमेंट, स्टार्टअप, पेरेंंटस का फीडबैक, पेटेंट, कॉपीराइट, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड, सोशल मीडिया फॉलोवर्स, ऑनलाइन टीचिंग आदि शामिल हैं।



