Bareilly News: एनपीएस… 1,662 रुपये महीना पेंशन, अब्बास अली की बढ़ी टेंशन
बरेली। सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अब्बास अली के खाते में पहली पेंशन के 1,662 रुपये आए। इतनी कम पेंशन देखकर उनकी टेंशन बढ़ गई। बोले- बच्चों की पढ़ाई, राशन और दवाई सबकुछ महंगा हो गया है। इतने कम पैसे में परिवार कैसे चलाएंगे। अगर पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलता तो कम से कम नौ हजार रुपये प्रतिमाह बैंक खाते में आते। पंचायती राज विभाग से सेवानिवृत्त सफाई कर्मचारी बाबूलाल के खाते में 2,490 रुपये महीने पेंशन आ रही है। इन दोनों का उदाहरण देकर कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन लागू करने की वकालत कर रहे हैं।
अप्रैल 2005 के बाद जो भी कर्मचारी सरकारी सेवा में आए, उन्हें पुरानी पेंशन की जगह न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) का लाभ दिया जा रहा है। कर्मचारी संगठन एनपीएस का विरोध कर रहे हैं। पुरानी पेंशन की मांग को लेकर कई जनपदों में कर्मचारियों ने एनपीएस को अपनाया ही नहीं। असल में नई पेंशन स्कीम में कर्मचारी के मूल वेतन और महंगाई भत्ते को जोड़कर 10 प्रतिशत कटौती होती है। सरकार की ओर से भी 14 प्रतिशत अंशदान दिया जाता है।
जमा धनराशि का निवेश एनपीएस नियामक पेंशन फंड रेगुलेटरी डेवलेपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) करता है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से जमा रकम घटती-बढ़ती है। सेवानिवृत्ति पर जमा राशि और बाजार के उतार-चढ़ाव के अनुसार ही पेंशन तय होती है। एक वर्ष के भीतर सेवानिवृत्त हुए कई कर्मचारियों ने नई पेंशन स्कीम को लेकर आपत्ति जताई। बोले- महंगाई का असर हर क्षेत्र में है। पेंशन बुढ़ापे का सहारा होती है, पर एनपीएस की कम राशि कर्मचारियों का तनाव बढ़ा रही है।
अपर निदेशक पेंशन सुनील मैत्रेय ने बताया कि पुरानी पेंशन योजना के तहत न्यूनतम दस वर्ष की सरकारी सेवा पर कम से कम नौ हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन के हकदार होंगे। आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में 10 वर्ष सेवा की बाध्यता नहीं रहती। उत्तराधिकारी को न्यूनतम पेंशन मिलेगी।
मैं जुलाई में सेवानिवृत्त हुआ। अगस्त में 2,490 रुपये पहली पेंशन मिली। इसमें तो महीनेभर की सब्जी भी नहीं आती। राशन कहां से लाएंगे। – बाबूलाल, सेवानिवृत्त सफाईकर्मी
सिंचाई विभाग में 22 वर्ष काम किया। कोर्ट के हस्तक्षेप से नौकरी पक्की हुई। 12 वर्ष की नियमित सेवा मानी गई। अब 1,662 रुपये पेंशन मिल रही है। – अब्बास अली, सेवानिवृत्त कर्मचारी



