Bareilly News: अफसर बदलते रहे, मुद्दे आज भी जस के तस
बरेली। बरेली को औद्योगिक शहर बनाने की मंशा पर सरकारी सिस्टम की सुस्ती भारी पड़ रही है। जिला उद्योग बंधु की बैठक में प्रतिमाह उठ रहे मुद्दे इसकी पुष्टि कर रहे हैं। इन मुद्दों के समाधान का दावा तो खूब किया जाता है, पर ये आज भी जस के तस हैं। वर्षों से कई अफसर बदल गए, पर उद्यमियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। शनिवार को फिर कलक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बंधु की बैठक होगी। कई पुराने मुद्दों पर ही मंथन होने की संभावना है। संयुक्त आयुक्त उद्योग ऋषि रंजन गोयल का कहना है कि उद्यमियों की कई समस्याओं का समाधान हो चुका है। उद्यमियों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए विभाग भी प्रयासरत है।
मुद्दे जिन पर मिल रहा आश्वासन
परसाखेड़ा में नाला निर्माण और पेड़ों की छंटाई
औद्योगिक आस्थान परसाखेड़ा में अधूरे नाले की वजह से जलभराव होता है। उद्यमी इसके लिए लगातार मांग कर रहे हैं पर वन विभाग की आपत्ति के चलते मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इधर, निर्माण के लिए प्राप्त बजट भी लैप्स होने की कगार पर है। पेड़ों की छंटाई न होने से बिजली लाइनों में फॉल्ट होने से अक्सर आपूर्ति प्रभावित होती है।
…ताकि उद्यमियों के वाहन न काटें शहर का चक्कर
परसाखेड़ा के उद्यमी प्रशासन से मिनी ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण की मांग कर रहे हैं। शाहजहांपुर रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर होने से परसाखेड़ा को माल सप्लाई करने के लिए पहुंच रहे वाहनों को पूरे शहर का चक्कर काटना पड़ता है। तीन माह पहले तत्कालीन कमिश्नर ने अधिकारियों को भूमि खोजने के निर्देश दिए थे। अब तक प्रक्रिया चल ही रही है।
होटल कारोबार को इंडस्ट्री बनाने की उठ रही मांग
होटल कारोबारी लगातार शासन द्वारा जारी सर्कुलर को लागू कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें पांच गुना टैक्स से निजात मिल सके। अफसर संबंधित सर्कुलर का प्रस्ताव शासन को फिर भेजकर प्रमुख सचिव नगर विकास से जारी कराने को कह रहे हैं पर आठ साल बाद भी होटल कारोबारियों को इंडस्ट्री में दर्ज होने का इंतजार बरकरार है।
फरीदपुर में कब बनेगा औद्योगिक आस्थान
परसाखेड़ा, सीबीगंज और भोजीपुरा के बाद अब फरीदपुर में भी कई उद्योग स्थापित हो चुके हैं। कारोबारी लगातार फरीदपुर में औद्योगिक आस्थान बनाने की मांग कर रहे हैं पर अब तक इस पर सकारात्मक पहल नहीं हो सकी है। इसी तरह भोजीपुरा औद्योगिक आस्थान में निगरानी के लिए पिकेट तैनाती का का मामला भी हर बार उठता रहा है।



