Bareilly News: या हुसैन की सदा से गूंज उठा कर्बला, दफन हुए ताजिये
बरेली। मुहर्रम की यौम-ए-आशुरा पर शहीदान-ए-कर्बला की याद में शहर के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में गम का माहौल रहा। सड़कों पर तख्त-ओ-तजियों के जुलूस और टोलियां ढोल-नगाड़ों की मातमी धुन पर कर्बला की ओर बढ़ते हुए या हुसैन.. की सदाएं बुलंद करती रहीं।
सुन्नी कर्बला बाकरगंज में यौम-ए-आशुरा के मौके पर भीड़ रही। शहर और देहात क्षेत्र से बारी-बारी से आते तख्त-ओ-ताजिये और छड़ों के जुलूस कर्बला पर पहुंचते रहे। यहां इमामबाड़े पर सलामी के बाद ताजियों व छड़ों के चढ़ावे मैदान के एक खास स्थान पर अकीदत के साथ दफन करते रहे। जहां भिश्ती पुरानी रवायत के अनुसार पानी डालते रहे। लोगों चरागां कर नजर पेश किया। इस दौरान तमाम अकीदतमंद भी कर्बला पर नियाज-नजर कर मन्नत-ओ-मुराद मांगते रहे। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
कर्बला कमेटी के महासचिव डॉ. सरताज हुसैन ने बताया कि रात नौ बजे तक लगभग 365 ताजिये और 480 छड़े दफन हुए। यहां की व्यवस्था में कर्बला कमेटी के सदर खलील अहमद, सचिव सैयद हुसैन, अब्दुल, साजिद अब्बासी, नदीम इकबाल के साथ सिविल डिफेंस का काफी सहयोग रहा।
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कर्बला पर लगा मेला
बरेली। यौम-ए-आशुरा के मौके पर कर्बला मैदान पर भव्य मेला भी लगाया गया। यहां लोग तमाम तरह की वस्तुओं की खरीदारी करते नजर आए। संवाद
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खानकाह नियाजिया की ओर से बांटा गया लंगर
बरेली। कर्बला पर खानकाह नियाजिया की ओर से लंगर का आजोजन किया गया। इसमें डिनर सेट, बर्तन व इस्तेमाल के तमाम सामानों के अलावा खान पान की वस्तुओं का भी वितरण किया गया। इससे पहले खानकाह के सज्जादानशीन शाह मेहंदी मियां, प्रबंधक शब्बू मियां सहित तमाम खानवादे और मुरीद नंगे पैर कर्बला पहुंचे। वहां अमन कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कदीर अहमद के नेतृत्व में स्वागत किया गया। इसमें पाकीजा खान, शुएब, खुशनुमा आदि भी शामिल रहे। संवाद


