Bareilly News: क्षमता से पांच गुना ज्यादा होंगे यात्री, व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती
बरेली। पहले से ही यात्री सुविधाओं का अभाव झेल रहे सेटेलाइट बस अड्डे पर उर्स के दौरान क्षमता से पांच गुना यात्री आएंगे। इस दौरान व्यवस्थाएं बनाए रखने की चुनौती होगी। सामान्य दिनों में सेटेलाइट बस अड्डे पर विभिन्न डिपो की 360 बसों और 15-17 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। पुराना बस अड्डे की भी यही स्थिति है।
उर्स के दौरान सेटेलाइट बस अड्डे पर व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए अधिकारियों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। बस अड्डे के आसपास अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी देने के साथ पुलिस को भी इस संबंध में लिखा गया है। उर्स के दौरान बरेली रीजन के चारों डिपो में लोकल समेत सात रूटों पर 282 बसें बढ़ाई गई हैं। दअरसल, अधिकारी 12 और 13 सितंबर को लेकर ज्यादा परेशान हैं। उर्स के दौरान बसों की संख्या दोगुनी होने और यात्रियाें की संख्या रोजाना औसतन 70-80 हजार तक पहुंचने का अनुमान है। 12 सितंबर को कुल शरीफ की रस्म के बाद जायरीन की वापसी होगी। ऐसे में सेटेलाइट बस अड्डे पर भीड़ उमड़ेगी।
उर्स के दौरान पुराना बस अड्डा तीन दिन बंद रहेगा। यहां की बसों का संचालन भी सेटेलाइट से किया जाएगा। बसों की संख्या दोगुनी से ज्यादा होने के साथ यात्रियों की संख्या में भी कई गुना इजाफा होगा। ऐसे में रोडवेज के अधिकारी उर्स के दौरान शहर में रोडवेज बसों की पार्किंग के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था तलाश रहे हैं। इसको लेकर बुधवार को स्थिति साफ हो सकती है। बसों को बरेली, रुहेलखंड डिपो के साथ रीजनल वर्कशॉप में भी पार्क करने का निर्णय लिया गया है।
सेटेलाइट बस अड्डे पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। यात्री सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा। बसों के लिए वैकल्पिक पार्किंग भी तलाशी जा रही है। – अरुण कुमार वाजपेई, एआरएम रुहेलखंड डिपो



