Bareilly News: आला हजरत की चौखट को चूमकर दीवाने हुए जायरीन
बरेली। आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी के उर्स में पहुंचे जायरीन दरगाह की चौखट को चूमकर दीवाने हो गए। शहर की सड़कें व गलियां आला हजरत के जिक्र से गूंजती रहीं। सुबह-शाम बारिश ने थोड़ा माहौल को हल्का किया पर दोपहर की धूप में जायरीन के चेहरे भी खिले दिखे।
उर्स स्थल इस्लामिया मैदान से दरगाह तक मेले जैसा माहौल दिखा। जायरीन की आवाजाही से गलियां ठसाठस भरी हुई थीं। लोग दरगाह पर हाजिरी लगाने के लिए बेचैन दिखे। कोई कपड़ों और फूलों की चादर पेश कर रहा था तो कोई दरगाह की दरो-दीवार से लिपटा हुआ आंसुओं से सराबोर हो रहा था। सड़क के दोनों ओर सजीं अस्थायी दुकानें रौनक बिखेर रहीं थी। हर गली और मोहल्ले में जायरीन के लिए लंगर चल रहे थे। कोई फूल देकर मेहमान नवाजी कर रहा था तो कोई इत्र लगाकर जायरीन का इस्तकबाल कर रहा था।
दिनभर चादरों के जुलूस दरगाह पहुंचते रहे। इन सारी गतिविधियों के बीच आला हजरत की लिखीं नातें गूंजती रहीं। उनके नाम के नारे भी बुलंद होते रहे। दूर-दराज से जायरीन की आमद का सिलसिला लगातार जारी है।
उर्स स्थल पर बने कुतुबखाने पर दिन में खासी भीड़ रही। यहां लोग आला हजरत की लिखी किताबें खरीदने में मशगूल रहे। साथ में घरों की दीवारों को सजाने के लिए इस्लामी तुगरे और ईद मिलादुन्नबी के मौके पर लगाए जाने वाले झंडे की भी खरीदारी की। इत्र और टोपियों की भी खूब बिक्री हुई। अजहरी और बरकाती टोपियों की खूब मांग रही।



