Bareilly News: कुप्रबंधन और उदासीनता से घट रहा मतदान प्रतिशत
बरेली। प्रशासनिक कुप्रबंधन और मतदान के प्रति मतदाताओं की उदासीनता का असर मतदान प्रतिशत पर साफ देखा गया। नगर निगम क्षेत्र में इस वर्ष सिर्फ 40.99 प्रतिशत मतदाताओं ने ही मताधिकार का इस्तेमाल किया। 2017 के चुनाव के मुकाबले यह करीब चार और 2006 के मुकाबले करीब नौ प्रतिशत कम है। मतदाताओं की संख्या बढ़ने के बावहजूद इस बार शहर के पांच लाख से अधिक मतदाताओं ने वोट नहीं किया।
मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए निर्वाचन आयोग लगातार सुविधाएं बढ़ाता जा रहा है। सार्वजनिक अवकाश, वाहन से मतदान केंद्र तक जाने की सहूलियत है। बुजुर्ग, दिव्यांग व महिला मतदाताओं को भी सुविधाएं दी जाती हैं। लेकिन बीएलओ की लापरवाही के कारण बहुत से मतदाता चाहकर भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सके। मतदाता पुनरीक्षण के बावजूद हजारों लोगों के नाम सूची से गायब मिले तो बहुत से ऐसे लोगों के नाम सूची में देखे गए, जो स्वर्ग सिधार चुके हैं। इसके अलावा घर-घर मतदाता पर्ची न पहुंचने की शिकायतें भी खूब मिलीं।
2017 में शहर क्षेत्र में 7,61,889 मतदाता थे। इनमें 45 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। लेकिन इस बार मतदाताओं की संख्या 8,47,763 रही। मतदाताओं की संख्या तो भले ही 85,874 बढ़ गई, लेकिन मतदान चार फीसदी से अधिक घटकर 40.99 प्रतिशत पर आ गया।
नगर क्षेत्र में कुल 8,47,763 मतदाताओं में से 3,47,548 मतदाताओं ने ही मताधिकार का इस्तेमाल किया। 5,00,217 मतदाताओं ने शहर की सरकार चुनने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इनमें काफी संख्या ऐसे मतदाताओं की भी हैं, जो कुप्रबंधन के कारण मतदाता सूची में नाम गायब होने या फिर मतदाता पर्ची न मिलने के कारण वोट नहीं डाल सकेे। घटे मतदान प्रतिशत का असर हार-जीत के अंतर के रूप में देखने को मिल सकता है।
नगर निगम में पिछले चुनावों की स्थिति
वर्ष मतदाता मतदान
2006 5,35,000 50 प्रतिशत
2012 6,65,173 45 प्रतिशत
2017 7,61,889 45 प्रतिशत
2023 8,47,763 40.99 प्रतिशत



